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मायावती ने स्पीड पोस्ट से भेजीं चाबियां, अफसर बोले- ये तो किसी और बंगले की है

मायावती का कहना है कि लाल बहादुर शास्त्री मार्ग पर मिला आवास ही उन्हें आवंटित किया गया था। उनके मुताबिक, माल अवेन्यू पर बंगला बीएसपी संस्थापक कांशीराम की स्मारक के लिए दिया गया था।

Author लखनऊ | May 31, 2018 1:12 PM
बसपा प्रमुख मायावती। (एक्सप्रेस फोटो)

बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने लखनऊ के लाल बहादुर शास्त्री मार्ग स्थित एक बंगल की चाबियां अफसरों को स्पीड पोस्ट से भेजी हैं। बतौर पूर्व मुख्यमंत्री मिले बंगले को खाली करने के लिए मिले नोटिस के जवाब में मायावती ने यह कदम उठाया। बीएसपी नेता ने कहा कि वह स्पीड पोस्ट के जरिए चाबियां भेजने के लिए इसलिए मजबूर हुईं क्योंकि अफसरों ने चाबियां लेने से इनकार कर दिया था। मायावती ने चाबियों के साथ एक चिट्ठी भी भेजी है। वहीं, इस मामले से जुड़े अफसर योगेश कुमार शुक्ला का कहना है कि मायावती को मॉल अवेन्यू पर बंगला मिला था, जिसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मद्देनजर खाली करना था। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को बंगला खाली करने का आदेश दिया था।

उधर, मायावती का कहना है कि लाल बहादुर शास्त्री मार्ग पर मिला आवास ही उन्हें आवंटित किया गया था। उनके मुताबिक, माल अवेन्यू पर मिला बंगला बीएसपी संस्थापक कांशीराम की स्मारक के लिए दिया गया था। उन्होंने अपने दावे की सत्यता जाहिर करने के लिए 2011 का एक आदेश भी दिखाया। मायावती ने अपनी चिट्ठी में कहा है कि वह लाल बहादुर शास्त्री मार्ग वाले बंगले पर नहीं रहती हैं। मायावती के मुताबिक, वह माल अवेन्यू स्थित आवास के एक हिस्से में रहती हैं ताकि वह यहां की सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित कर सकें। मायावती ने कहा कि माल अवेन्यू आवास तभी सरकार को सौंपा जाएगा, जब स्मारक की सुरक्षा और देखभाल के लिए सभी जरूरी इंतजाम सुनिश्चित कर लिए जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस जगह को नुकसान पहुंचा तो इसकी वजह से ‘देशव्यापी अशांति’ पैदा हो जाएगी।

बता दें कि मायावती को बंगला खाली करने के लिए कहने के बाद 13-ए माल अवेन्यू बंगले के बाहर ‘श्री कांशीराम जी यादगार विश्राम स्थल’ का बोर्ड नजर आया था। वहीं, बीएसपी ने बयान जारी करके कहा कि मायावती ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार लाल बहादुर शास्त्री मार्ग स्थित बंगला नंबर 6 खाली कर दिया। पार्टी ने बताया कि इस बारे में अफसरों और सीएम को लिखित तौर पर जानकारी दे दी गई है। पार्टी के मुताबिक, चूंकि राज्य सरकार के अधिकारी ने मंगलवार को चिट्ठी और चाबी लेकर व्यक्तिगत तौर पर बंगला का कब्जा लेने से इनकार कर दिया, इसलिए इन्हें स्पीड पोस्ड के जरिए भेजा गया, जो रिसीव हो गई हैं। मायावती ने बिजली के बिलों के भुगतान के प्रमाण भी लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि चूंकि उन्होंने बंगला खाली कर दिया है, इसलिए संबंधित बिलों के भुगतान के लिए वह उत्तरादायी नहीं हैं। वहीं, शुक्ला ने मायावती के दावों को झूठा करार दिया है। उन्होंने कहा, ’13-ए माल अवेन्यू स्थित बंगले पर उन्हें दिया गया नोटिस अब भी वैध है। उन्हें बंगला संख्या 13-ए खाली करने के लिए नोटिस दिया गया है।’

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