बहुजन समाज पार्टी की मुखिया और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपनी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे अनन्त कुमार मिश्रा को पार्टी से निकाल दिया है। उन्होंने खुद X पर एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी।
मायावती ने X पर पोस्ट कहा, “उत्तर प्रदेश में बीएसपी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे श्री अनन्त कुमार मिश्रा उर्फ अन्टू मिश्रा को उनकी पार्टी विरोधी गतिविधियों आदि के फलस्वरूप आज तत्काल प्रभाव से उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।”
उन्होंने इसी पोस्ट में आगे कहा, “वैसे भी अब जबकि खासकर उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल काफी गरमाया हुआ है, पार्टी के सभी स्तर के लोगों को विरोधियों के सभी प्रकार के साम, दाम, दण्ड, भेद आदि हथकण्डों से सावधान रहते हुये अपनी पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ बीएसपी के अम्बेडकरवादी मिशन को आगामी विधानसभा आमचुनाव में सफल बनाने में पूरे जी-जान से लगे रहना है, यही संदेश व अपील भी है।”
कौन हैं अंटू मिश्रा?
अंटू मिश्रा कानपुर के रहने वाले हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने बीजेपी में शामिल होने के प्रयास किए थे लेकिन एनआरएचएम घोटाले में आरोपी होने की वजह से उन्हें बीजेपी आलाकमान ने उन्हें पार्टी में शामिल करने पर ‘रेड सिग्नल’ दिखा दिया। बीएसपी से निकालने जाने पर अंटू मिश्रा की तरफ से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
अंटू मिश्रा ने सियासत की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। वह साल 1980 में क्राइस्ट चर्च कॉलेज के छात्रसंघ में रहे। वह एनएसयूआई के बाद युवा कांग्रेस से जुड़े। इसके बाद उन्होंने साल 1993 में सपा के टिकट पर जनरलगंज विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा।
वह मिश्रा बीजेपी में भी रह चुके हैं। उन्हें साल 2002 में बीजेपी ने आर्यनगर से मैदान में उतारा लेकिन वे चुनाव हार गए। इसके बाद साल वह साल 2006 में बसपा में शामिल हुए। बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा उनके रिश्तेदार बताए जाते हैं।
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उत्तर प्रदेश में आकाश आनंद की वापसी को राज्य की राजनीति में उनकी दूसरी पारी के रूप में देखा जा रहा है। बसपा अब आकाश को पहली बार मतदान करने वाले और युवा मतदाताओं के बीच अपनी लोकप्रिय बनाने की कोशिश कर रही है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
