राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर इंडिया इमाम एसोसिएशन (AIAA) के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने रविवार को विश्व हिंदू परिषद (VHP) पर हमला बोला है। मौलाना साजिद रशीदी ने विश्व हिंदू परिषद के कामकाज और नेतृत्व पर लंबे समय से सवाल उठाए
मौलाना ने दावा किया कि राम मंदिर आंदोलन के समय से ही विश्व हिंदू परिषद हमेशा शक के घेरे में रही है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, उन्होंने रथ यात्रा के दौरान इकट्ठा किए गए फंड का जिक्र करते हुए संगठन की वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए।
रथ यात्रा के दौरान चंदे को लेकर किया सवाल
मौलाना साजिद रशीदी ने कहा, “वीएचपी एक ऐसा नाम है जो राम मंदिर आंदोलन के समय से लेकर अभी तक हमेशा शक के घेरे में रहा है। उस समय रथ यात्रा के दौरान 1400 करोड़ रुपये इकट्ठा किए गए थे, उसका क्या हुआ? इन लोगों ने अब तक उसका कोई हिसाब नहीं दिया।”
मौलाना ने वीएचपी पर लगाए आरोप
मौजूदा आरोपों को वीएचपी से जोड़ते हुए साजिद रशीदी ने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को जान-बूझकर दूर रखा जा रहा था।
मौलाना ने कहा, “अब जब राम मंदिर में चोरी के मामले में चंपत राय का नाम साफ तौर पर सामने आ रहा है, तो वीएचपी को क्लीन चिट देने के लिए ऐसी गतिविधियां होंगे जिनमें कहा जाएगा कि सब ठीक है। साथ ही चंपत राय के बारे में भी कहा जाएगा कि नहीं, वे पूरी तरह बेदाग हैं, उन्होंने कुछ नहीं किया है।”
जानबूझकर चंपत बना रहे दूरी
उन्होंने आगे दावा किया कि चंपत राय जानबूझकर वीएचपी से दूरी बना रहे हैं ताकि दोबारा जांच-पड़ताल से बच सकें।
मौलाना रशीदी ने कहा, “चंपत राय जानबूझकर खुद को वीएचपी से दूर रखना चाहते हैं क्योंकि जैसे ही विश्व हिंदू परिषद का नाम आता है, देश के लोगों को कई बातें याद आ जाती हैं और कहीं न कहीं 1400 करोड़ रुपये का मामला और यह नया मामला मिलकर एक बड़ा विवाद बन सकते हैं। चंपत राय चतुर आदमी हैं, इसीलिए उन्होंने जानबूझकर खुद को थोड़ा अलग रखा है।”
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अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में आए दान के कथित गबन के विवाद ने संघ परिवार के भीतर विश्व हिंदू परिषद यानी VHP को बड़ा झटका दिया है। वीएचपी हिंदू मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराने के लिए लंबे समय से अभियान चला रहा है, लेकिन इस विवाद ने उसके सामने नई चिंताएं पैदा कर दी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
