Mathura News: मथुरा जिला कारागार में बंदी इन दिनों फल और सब्जियों से हर्बल गुलाल बना रहे हैं, जो न केवल त्वचा के लिए पूरी तरह सुरक्षित है बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी है। जेल अधीक्षक अंशुमन गर्ग ने बताया कि अब जेलों को बंदी सुधार गृह के रूप में तब्दील किया जा रहा है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि सजा पूरी कर जेल से बाहर निकलने वाले बंदी अपराध की राह छोड़ें।
जेल अधीक्षक अंशुमन गर्ग ने कहा कि यह हर्बल गुलाल बनाकर, कैदी स्वावलंबी हो रहे हैं, जिससे वे खुद के उद्यम से न केवल एक सम्मानजनक जिंदगी जी सकेंगे, बल्कि अपने और अपने परिवार के लिए रोजगार देने लायक कौशल हासिल कर सकेंगे।
कैदियों को दिया प्रशिक्षण
उन्होंने बताया कि इसी कार्यक्रम के तहत बंदियों को हर्बल गुलाल बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है। इसके बाद वे बड़े पैमाने पर गाजर, चुकंदर, पालक आदि सब्जियों और हल्दी से लाल, हरा, पीला गुलाल तैयार कर रहे हैं। जेल प्रशासन इस गुलाल की बिक्री के लिए मुलाकात घर के समीप स्टाल लगाएगा, जहां 100 व 200 ग्राम की पैकिंग में हर प्रकार के गुलाल की बिक्री की जाएगी।
कहां होगा इन गुलाल का इस्तेमाल
उन्होंने बताया कि 22 फरवरी को (रविवार) को मथुरा नगर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय पार्क में लगाए जाने वाले विधिक साक्षरता शिविर में भी बंदियों द्वारा निर्मित प्राकृतिक गुलाल की बिक्री की जाएगी। इस शिविर में बंदियों द्वारा ही बनाई गई टुकड़ी, मोमबत्ती, हस्तकला से बनी साड़ियां, तोलिया आदि उत्पादों का भी प्रदर्शन व बिक्री की जाएगी।
उन्होंने बताया कि फिलहाल करीब 24 विचाराधीन एवं सजायाफ्ता बंदी गुलाल बना रहे हैं और लगभग इतनी ही महिला बंदी ‘ब्यूटीशियन’ का प्रशिक्षण ले रही हैं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को 2.51 लाख से अधिक किसानों को फसल मुआवजे के रूप में 285 करोड़ रुपये प्रदान किए और कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि किसानों को प्राकृतिक आपदाओं व अन्य कठिनाइयों से बचाया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 3500 लाभार्थी परिवारों को भी 175 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की। यह भी पढ़िए…
