राजधानी नई दिल्ली से सटे नोएडा के सेक्टर-66 में बुधवार दोपहर एक इमारत में आग लगने से दो लोगों की मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ममूरा इलाके की एक पांच मंजिला इमारत में चार्जिंग पर लगी एक इलेक्ट्रिक बाइक में आग लग गई। यह आग कुछ ही पलों में पास खड़े पेट्रोल वाहनों तक पहुंच गई।

न्यूज एजेंसी ANI को एक स्थानीय अर्णव सिंह ने बताया कि जिस समय बिल्डिंग में आग लगी, वो खुद ऊपरी इमारत में थे। उन्होंने बताया कि इमारत में कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था इसलिए वहां सीढ़ियां मौजूद थीं। बिल्डिंग में मौजूद लोगों ने उन सीढ़ियों का इस्तेमाल बराबर वाली इमारत में पहुंचने के लिए किया।

सीएम योगी ने लिया घटना का संज्ञान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा में आग लगने की घटना का संज्ञान लिया है। यूपी मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, “मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव कार्यों में तेज़ी लाने और घायलों को उचित इलाज मुहैया कराने का आदेश दिया। प्रशासन को सभी स्तरों पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों की लगातार निगरानी करने का भी निर्देश दिया और घायलों के उचित इलाज को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।”

DCP सेंट्रल नोएडा ने क्या कहा?

गौतम बुद्ध नगर के संयुक्त पुलिस आयुक्त राजीव नारायण ने कहा कि नोएडा के ममूरा गांव में लगी आग संभवतः एक इलेक्ट्रिक वाहन को चार्ज करते समय लगी, जिसके कारण आग आसपास के पेट्रोल से चलने वाले वाहनों में फैल गई।

DCP सेंट्रल नोएडा राजीव नारायण ने बताया, “चार्जिंग के लिए प्लग-इन किए गए एक इलेक्ट्रिक स्कूटर (EV) में स्पार्किंग हुई, जिससे गाड़ी में आग लग गई और फिर पास खड़ी कई अन्य गाड़ियों में भी आग फैल गई। इससे निकला धुआं बिल्डिंग की ऊपरी मंज़िलों तक पहुंच गया और लोगों के घरों में घुस गया। सूचना मिलने पर पुलिस टीमें, फायर सर्विस रेस्क्यू टीमें और फायर टेंडर मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। 100 से ज़्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। दो लोग बीमार पड़ गए और उन्हें इलाज के लिए एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। उनकी सेहत के बारे में अभी जानकारी का इंतज़ार है। लापरवाही के आरोप में बिल्डिंग के लीजहोल्डर और ऑपरेटर के खिलाफ कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और उन्हें हिरासत में ले लिया गया है। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है।”

राजीव नारायण ने कहा कि जिस इमारत में आग लगी, वह G+4 स्ट्रक्चर है और इसमें लगभग 50 परिवार रहते हैं। सभी निवासियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उन्होंने कहा, “इमारत में ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग थी, बेसमेंट नहीं। पार्किंग एरिया से धुआं ऊपर की ओर फैला, जिससे वहां रहने वाले लोग प्रभावित हुए। हर फ्लोर पर लगभग पांच परिवार रहते हैं और वहां करीब 12 कमरे हैं, जिन्हें दो-कमरों वाले फ्लैट के तौर पर बनाया गया है। सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार बचाव अभियान चलाया गया।”

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