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धनतेरस पर सजे बाजार, लोगों ने जमकर की खरीदारी

धनतेरस के दिन धन के देवता कुबेर और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। मान्यता है कि धनतेरस के दिन क्षीर सागर के मंथन के दौरान ही मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर प्रकट हुए थे। इसलिए धनतेरस के दिन सोने-चांदी और बरतन खरीदना शुभ माना जाता है। इसके अलावा गिफ्ट, सजावट का सामान, लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा और अन्य चीजों से बाजार पटा रहा।

Author November 6, 2018 3:16 AM
सोमवार को राजधानी दिल्ली में धनतेरस की धूम रही।

सोमवार को राजधानी दिल्ली में धनतेरस की धूम रही। बाजार दुल्हन की तरह सजा रहा। लोग लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा, तोरण, कंदिल, बिजली बल्बों की लड़ियां, लार सजाने के अलग-अलग चीजें, बरतन, दीए, मिठाई-बताशे, लाई और धान लावा जैसी देशी चीजें खरीदते नजर आए। आभूषण की दुकानों पर भी खासी भीड़ रही। हालांकि कामकाज का पहला दिन होने के कारण बाजार में दिन के दौरान उतनी रौनक नहीं रही पर शाम होते-होते धनतेरस की खरीददारी के लिए लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा।

धनतेरस के दिन धन के देवता कुबेर और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। मान्यता है कि धनतेरस के दिन क्षीर सागर के मंथन के दौरान ही मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर प्रकट हुए थे। इसलिए धनतेरस के दिन सोने-चांदी और बरतन खरीदना शुभ माना जाता है। इसके अलावा गिफ्ट, सजावट का सामान, लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा और अन्य चीजों से बाजार पटा रहा। राजधानी के सदर बाजार, चांदनी चौक, करोलबाग, लाजपत नगर, राजौरी गार्डन, सरोजनी नगर सहित सभी बाजारों में दुकानें सजी रहीं। बर्तनों की दुकानों पर खास रौनक दिखा। स्टेनलेस स्टील के साथ ही तांबा, पीतल व चांदी के बर्तन बाजार में उपलब्ध रहे। लेकिन इस बार ग्राहकों को मैट फिनिशिंग और सिल्वर टच फिनिशिंग के बर्तन खासा आकर्षित किया।

मयूर विहार फेस-1 में घर सजाने के सामान (इंटेरिटयर डेकोरेशन) की दुकान चलाने वाले आयुष ने बताया सप्ताह का पहला दिन होने के कारण धनतेरस के दिन की शुरुआत थोड़ी सुस्त रही, लेकिन शाम होते-होते ग्राहकों की भीड़ बढ़ती गई। बाजार में मंदी के बावजूद खरीददारों और विक्रेताओं का उत्साह देखने लायक था। हर दिन फल-सब्जी बेचने वाले भी धनतेरस के दिन त्योहार से जुड़ी चीजें बेचते नजर आए। दीए बेच रहे इलियास ने बताया कि वैसे तो वह फल बेचते हैं, लेकिन दिवाली के समय दो-तीन दिन वह दीए बेचते हैं। बिजली की सजावटों और रंग-बिरंगी मोमबत्तियों के दौर में दीए की मांग के सवाल पर इलियास ने कहा कि आस्था का विषय है, इसलिए लोग मिट्टी के दीए जरूर खरीदते हैं। मयूर विहार विस्तार में रहने वाली बबिता ने कहा कि हालांकि इस बार थोड़ी तंगी है, खर्चे सोचकर करने पड़ रहे हैं, लेकिन धनतेरस के अवसर पर बरतन और पूजन सामग्री खरीदना शुभ होता है, इसलिए वह पास के आचार्य निकेतन मार्केट में खरीददारी के लिए आई हैं।

छोटी-मोटी खरीददारी के अलावा आभूषण कंपनियां खास पेशकश के जरिए ग्राहकों को लुभाती नजर आर्इं। कार और मोटरसाइकिलों पर भी कंपनियां विशेष छूट दे रही हैं। ग्राहकों को अपनी ओर लुभाने के लिए इस बार आभूषण विक्रेताओं ने कई लुभावने पेशकश देते दिखे। सोने के चढ़ते दाम के बीच कई नामी-गिरामी ज्वेलर्स खरीदारी में आभूषण बनाने का खर्च नहीं लेने की पेशकश की तो कइयों ने इस दिन के लिए 10 फीसद तक की छूट रखी।

गौरतलब है कि सोना पिछले छह सालों में सबसे महंगा है। सोमवार को बाजारों में सोने का भाव 32,800 प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव 39,500 प्रति किलो रहा। व्यापारियों का कहना है एक अनुमान के मुताबिक पिछले साल के मुकाबले सोने-चांदी के व्यापार में लगभग 30-35 फीसद की कमी दिखाई दी है। तमाम विपरीत आर्थिक कारकों के बावजूद धनतेरस की रौनक बनी रही।

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