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मरा कुख्‍यात नक्‍सली: जवानों के पेट में बम प्‍लांट कर उड़ाता था, 1.5 करोड़ का था इनाम, 150 से ज्यादा मुकदमे

अरविंद पर झारखंड सरकार ने 1 करोड़ रुपए, बिहार सरकार ने 5 लाख रुपए और छत्तीसगढ़ सरकार ने 40 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। इनके अलावा महाराष्ट्र सरकार ने भी अरविंद पर इनाम की घोषणा कर रखी थी।

अरविंद पर झारखंड सरकार ने 1 करोड़ रुपए, बिहार सरकार ने 5 लाख रुपए और छत्तीसगढ़ सरकार ने 40 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। (प्रतीकात्मक तस्वीर/file photo)

शीर्ष माओवादी नेता अरविंद की हार्ट अटैक से मौत की खबर है। कुख्यात अरविंद पर डेढ़ करोड़ रुपए का इनाम था और कई राज्यों की पुलिस को उसकी तलाश थी। बताया जा रहा है कि 80 वर्षीय माओवादी नेता पिछले काफी दिनों से बीमार चल रहा था और आखिरकार बुधवार को झारखंड के बूढ़ा पहाड़ पर उसकी मौत हो गई। अरविंद पर झारखंड सरकार ने 1 करोड़ रुपए, बिहार सरकार ने 5 लाख रुपए और छत्तीसगढ़ सरकार ने 40 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। इनके अलावा महाराष्ट्र सरकार ने भी अरविंद पर इनाम की घोषणा कर रखी थी। अरविंद भाकपा माओवादी पोलित ब्यूरो का सदस्य था। साल 2013 में जवानों के पेट में बम रखने का मास्टरमाइंड भी अरविंद ही था और पिछले काफी समय से उसने झारखंड के बूढ़ा पहाड़ को अपना ठिकाना बनाया हुआ था। अरविंद की सुरक्षा में हर समय 8 माओवादी कमांडो एके-47 और रॉकेट लॉन्चर के साथ तैनात रहते थे।

सुधाकरण को मिलेगी कमानः अरविंद की मौत के बाद खूंखार माओवादी कमांडर सुधाकरण को अरविंद की जगह संगठन की कमान दी जा सकती है। सूत्रों के अनुसार, सुधाकरण भी अपनी पत्नी नीलिमा के साथ बूढ़ा पहाड़ पर ही छिपा हुआ है। झारखंड पुलिस के शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अरविंद की मौत की सूचना मिली है। फिलहाल, खबर की पुष्टि करायी जा रही है। उल्लेखनीय है कि अरविंद बिहार के जहानाबाद का निवासी था। अरविंद पर 139 से अधिक मामले दर्ज थे और 9 राज्यों की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। फिलहाल वह लातेहार, गुमला, लोहरदगा, गढ़वा और पलामू इलाके में सक्रिय था। बताया जा रहा है कि नक्सली अरविंद के शव को जहानाबाद ले जा सकते हैं, जिसे देखते हुए बिहार पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है।

पिछले कुछ दिनों से था बीमारः अरविंद पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहा था। बूढ़ा पहाड़ पर ही उसका इलाज चल रहा था। बुधवार की सुबह उसकी तबीयत बिगड़ने पर ऑक्सीजन लगायी गई थी। इसके कुछ देर बाद ही दर्द और बैचेनी की शिकायत के बाद ही हार्ट अटैक से अरविंद की मौत हो गई। अरविंद भाकपा की सेंट्रल कमेटी का सदस्य बनकर साल 2011 में झारखंड आया था। अब अरविंद की मौत के बाद जल्द ही संगठन की बैठक होने वाली है, जिसमें कई राज्यों के नक्सली नेता जुटेंगे। इस बैठक में संगठन की कमान सुधाकरण को दी जा सकती है।

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