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महाविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी

डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद से संबद्ध वित्तविहीन महाविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां पकड़ी गई हैं।
Author फैजाबाद | December 21, 2017 00:54 am

डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद से संबद्ध वित्तविहीन महाविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां पकड़ी गई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी महाविद्यालयों से अपने महाविद्यालय में कार्यरत शिक्षकों की सूची आॅनलाइन करने का निर्देश जारी किया था। इसमें अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन के पास 1528 शिक्षक ऐसे पाए गए हैं, जो कई-कई महाविद्यालयों में शिक्षण कार्य करते हुए दिखाए गए हैं और उन्हीं के सर्टिफिकेट और डिग्रियों के आधार पर उस महाविद्यालय को मान्यता भी प्राप्त कर ली गई है।
डॉ राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय फैजाबाद के अधीन लगभग 600 स्ववित्तपोषित महाविद्यालय कार्यरत हैं, जिनमें से अनेक महाविद्यालयों में या गड़बड़ियां पकड़ में आई हैं। विश्वविद्यालय सूत्रों के मुताबिक महाविद्यालयों में कुल 6445 शिक्षक स्ववित्तपोषित योजना के अंतर्गत कार्यरत हैं।

महाविद्यालयों से अपने शिक्षकों का नाम उनकी फोटो पैन नंबर आधार नंबर बैंक अकाउंट नंबर, ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर भरा जाना अनिवार्य कर दिया गया है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार के मुताबिक ऐसे सभी शिक्षकों को नोटिस दी जा रही है कि वह बयान हल्की देकर यह बताएं कि वह किस महाविद्यालय में शिक्षण कार्य कर रहे हैं। यह बताने पर वह पद रिक्त कर दिया जाएगा। महाविद्यालय को नोटिस दे दी जाएगी।

डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां शिक्षकों की नियुक्ति में पकड़ी गई हैं। एक-एक शिक्षकों की सर्टिफिकेट दर्जनों महाविद्यालयों में लगाकर मान्यता हासिल कर ली गई है। विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित का कहना है कि विश्वविद्यालय में सभी कार्य आॅनलाइन कर दिए गए हैं और अब महाविद्यालय कोई गड़बड़ी को कर नहीं पाएंगे। उन्होंने यह भी कहा है कि जिन महाविद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे होंगे। वह परीक्षा केंद्र नहीं होगा कोई भी महाविद्यालय महिला अथवा पुलिस अपना परीक्षा केंद्र इस समय नहीं बनाया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, विश्वविद्यालय की वार्षिक परीक्षाएं आगामी नौ-दस मार्च के आसपास से शुरू होने की संभावना है। विश्वविद्यालय के इस कड़े कदम से महाविद्यालय के प्रबंधकों में अफरा-तफरी का माहौल है।

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