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दगा दे गई बांस से बनी साइकिल, फेल हो गया केंद्रीय मंत्री का बड़ा प्‍लान

रविवार को एक कार्यक्रम के सिलसिले में इंस्टीट्यूट पहुंचे मांडविया की नजर इस बांस की साइकिल पर पड़ी और वह इससे काफी प्रभावित नजर आए। इसके बाद मांडविया ने इस बांस की साइकिल से ही जाकर राज्यसभा के लिए नामांकन करने का एलान कर दिया। लेकिन सोमवार को मंत्रीजी जब इस साइकिल से जाने लगे तो कुछ दूर जाकर ही इस साइकिल में दिक्कत आ गई और उन्हें एक हाईब्रिड साइकिल से नामांकन के लिए जाना पड़ा।

रविवार को मांडविया ने घोषणा की थी कि वह राज्यसभा के लिए नामांकन करने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, गांधीनगर की एन्वायरमेंट फ्रैंडली बांस से बनी साइकिल पर जाएंगे। लेकिन सोमवार को मांडविया का प्लान फेल हो गया। (image source- PTI BY VIJAY KUMAR JOSHI)

गुजरात से राज्यसभा की 4 सीटों पर चुनाव होने हैं, जिसके लिए नामांकन करने की अंतिम तारीख 12 मार्च थी। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया भी गुजरात से भाजपा के राज्यसभा उम्मीदवार हैं। रविवार को मांडविया ने घोषणा की थी कि वह राज्यसभा के लिए नामांकन करने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, गांधीनगर की एन्वायरन्मेंट फ्रेंडली बांस से बनी साइकिल पर जाएंगे। लेकिन सोमवार को मांडविया का प्लान फेल हो गया। दरअसल, राज्यसभा नामांकन के लिए जाते समय बांस की साइकिल ने केंद्रीय मंत्री को निराश कर दिया। इसके बाद मांडविया ने अपना प्लान बदलते हुए एक हाईब्रिड साइकिल से रिटर्निंग अधिकारी के ऑफिस जाकर नामांकन दाखिल किया।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन के ट्रांसपोर्टेशन और ऑटोमोबाइल के पोस्ट ग्रैजुएट छात्रों ने पिछले साल बांस से बनी यह साइकिल डिजाइन की थी। इसे अब तक कई एग्जीबिशन में भी प्रदर्शित किया जा चुका है। रविवार को एक कार्यक्रम के सिलसिले में इंस्टीट्यूट पहुंचे मांडविया की नजर इस बांस की साइकिल पर पड़ी और वह इससे काफी प्रभावित नजर आए। इसके बाद मांडविया ने इस बांस की साइकिल पर ही जाकर राज्यसभा के लिए नामांकन करने का एलान कर दिया। लेकिन सोमवार को मंत्रीजी जब इस साइकिल से जाने लगे तो कुछ दूर जाकर ही इस साइकिल में दिक्कत आ गई और उन्हें एक हाईब्रिड साइकिल से नामांकन के लिए जाना पड़ा। मांडविया ने कहा कि साइकिल ठीक से काम नहीं कर रही थी। साइकिल में कुछ फिटिंग की परेशानी थी, साथ ही साइकिल के पहिए भी सही तरह से नहीं घूम रहे थे, जिसके बाद मैने अपना प्लान बदल दिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह डिजाइन इंस्टीट्यूट के छात्रों को प्रोत्साहित भी करना चाहते थे, लेकिन जब उन्हें लगा कि वह नामांकन के लिए वक्त पर नहीं पहुंच पाएंगे तो उन्हें अपनी योजना बदलनी पड़ी।

वहीं, डिजाइन इंस्टीट्यूट के एक फैकल्टी मेंबर का कहना है कि बांस की यह साइकिल एक क्लासरूम प्रोजेक्ट के रूप में बनी थी। इस साइकिल को सिर्फ कैम्पस में ही चलाने की अनुमति थी, लेकिन जब मंत्रीजी ने विनती की तो हमने उन्हें एक दिन के लिए यह साइकिल दे दी। फैकल्टी मेंबर ने कहा कि हमने मंत्रीजी को भी इस बात की जानकारी दी थी।

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