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सोनिया गांधी की डिनर पार्टी से निकल बोलीं मीसा भारती- मनमोहन सिंह लालू प्रसाद यादव को बहुत मिस कर रहे थे

यह भोज विपक्षी पार्टियों को एक करने के लिए आयोजित हुआ था, ताकि 2019 के चुनाव में भाजपा के विकास रथ को रोका जा सके। डिनर पार्टी में सभी प्रमुख पार्टियों के वरिष्ठ नेता पहुंचे थे। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी वहां थे। वह आरजेडी मुखिया को खास तौर पर याद कर रहे थे। पार्टी में लालू की बेटी भी गई थीं।

आजेडी मुखिया लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा यादव। (फोटोः फेसबुक)

“मनमोहन जी, लालू प्रसाद यादव को बहुत याद कर रहे थे।” यूपीए सरकार में प्रधानमंत्री रहे सिंह के बारे में इस बात का खुलासा राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के मुखिया लालू यादव की बेटी और राज्यसभा सांसद मीसा भारती ने किया। मंगलवार (13 मार्च) को कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने आवास पर डिनर पार्टी रखी थी। यह रात्रि भोज विपक्षी पार्टियों को एक करने के मकसद से आयोजित किया गया था, ताकि 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विकास रथ को रोकने के लिए रणनीति बनना शुरू हो। इस डिनर पार्टी में सभी प्रमुख पार्टियों के वरिष्ठ नेता पहुंचे थे। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी वहां थे। वह आरजेडी मुखिया को खास तौर पर याद कर रहे थे। पार्टी में लालू की बेटी भी गई थीं, जिनसे खुद पूर्व पीएम ने लालू का जिक्र किया। वहां से निकलने के बाद उन्होंने इसका खुलासा किया था।

डिनर पार्टी में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह से भेंट करने के बाद उनके संग फोटो खिंचातीं मीसा भारती। (फोटोः टि्वटर)

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मीसा ने इसी संबंध में आगे कहा, “सिंह ने मुझे बताया कि उन्हें देश की राजनीति में लालू की कमी खल रही है।” आपको बता दें कि लालू इस वक्त बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाला के कई मामलों में जेल की सजा काट रहे हैं। वह झारखंड में रांची की बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं। मीसा के साथ सोनिया की इस पार्टी में लालू के छोटे बेटे और सूबे के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी मौजूद थे। वे दोनों ही आरजेडी की ओर से कार्यक्रम में पहुंचे थे।

कहा जा रहा है कि 2019 के चुनाव में भाजपा के खिलाफ सभी राजनैतिक संगठनों को एक करने के लिए इस डिनर का आयोजन किया गया था। (फोटोः टि्वटर)

लालू की बेटी के अनुसार, पार्टी में नेताओं ने हाल-फिलहाल के सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक मसलों पर बातचीत की। सभी पार्टियां इस तथ्य से राजी थीं कि केंद्र चुनाव में किए हुए अपने वादों को पूरा करने में नाकाम रही है, जिसने लोगों को निराश किया है। मीसा ने यह भी बताया, “विपक्ष ने इस बात को लेकर भी चिंता जताई कि कैसे कुछ उग्र संगठन केंद्र सरकार का समर्थन पाकर देश के सामाजिक ढांचे को खराब करने का काम कर रहे हैं।”

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