मणिपुर में बीजेपी के विधायक एल. सुसींद्रो मैइती ने कहा है कि अगर राज्य सरकार लोगों के हितों के लिए काम नहीं करती है तो उन्हें पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। पूर्व मंत्री मैइती ने कुछ समय पहले मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह पर भी हमला बोला था।

मैइती ने कहा, ”बीजेपी अच्छी पार्टी है, लेकिन राज्य में पार्टी का नेतृत्व कर रहे लोगों को लेकर कुछ समस्याएं हैं। मेरे निर्वाचन क्षेत्र के लोगों ने मुझसे कहा है कि बीजेपी के टिकट पर चुनाव न लड़ूं, बल्कि किसी अन्य पार्टी से या निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ूं क्योंकि वे बीजेपी को वोट नहीं देने का मन बना रहे हैं।”

मणिपुर में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा के चुनाव होने हैं। उन्होंने कहा, ”फिलहाल मेरी बीजेपी छोड़ने की कोई योजना नहीं है लेकिन अगर बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार लोगों के हित में काम नहीं करती है, तो मुझे पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।”

एन. बीरेन सिंह की सरकार में मंत्री थे मैइती

राष्ट्रपति शासन लगाये जाने से पहले मैइती तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री थे।

पिछले साल की शुरुआत में मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था। मैइती ने इंफाल पूर्वी जिले में अपने निर्वाचन क्षेत्र खुरई में ‘हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से कहा, ”मेरे लिए जरूरी यह है कि मैं जनता के साथ रहूं और उनके लिए काम करूं।”

मुख्यमंत्री पर साधा था निशाना

26 जुलाई को मैइती ने कहा था कि अगर राज्य सरकार का कामकाज असंतोषजनक रहा तो वह भाजपा छोड़ने के लिए मजबूर हो सकते हैं। मैइती ने मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह का नाम लिए बिना कहा था, “जब मैं मंत्रिपरिषद का हिस्सा था, तब सरकार के प्रदर्शन में ज्यादा गिरावट नहीं आई और न ही राष्ट्रपति शासन के दौरान ऐसा हुआ। नई सरकार के आने के बाद से प्रदर्शन में गिरावट आई है क्योंकि यह जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने में फेल रही है।”

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मणिपुर में 2023 की जातीय हिंसा के बाद से बंद पड़ी राज्य की लाइफलाइन यानी इंटर स्टेट बस सर्विस को जल्द ही दोबारा शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री खेमचंद ने इसका ऐलान किया। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।