ताज़ा खबर
 

मणिपुरः BJP सरकार जीती विश्वास मत, सदन में कांग्रेस का हंगामा; विरोध में फेंकी कुर्सियां

कांग्रेस के आठ विधायकों ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए सदन की कार्यवाही में भाग नहीं लिया। मणिपुर की 60 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 24 विधायक हैं।

Author Edited By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Updated: August 10, 2020 10:39 PM
BJP, maniour govtमणिपुर में भाजपा नीत एन बीरेन सिंह सरकार ने विश्वास मत जीता। (file)

कई हफ्तों के नाटकीय घटनाक्रम के बाद मणिपुर में भाजपा नीत एन बीरेन सिंह सरकार ने सोमवार को विश्वास मत जीत लिया है। बीरेन सिंह सरकार ने विधानसभा में 16 के मुकाबले 28 वोट से विश्वास मत जीत लिया। सिंह के विश्वास प्रस्ताव को विधानसभा में एक दिवसीय विशेष सत्र के दौरान लंबी चर्चा के बाद मत-विभाजन के लिए रखा गया जिसमें सरकार सफल रही।

कांग्रेस के आठ विधायकों ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए सदन की कार्यवाही में भाग नहीं लिया। मणिपुर की 60 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 24 विधायक हैं। तीन विधायकों के इस्तीफे और दल-बदल कानून के तहत चार विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के बाद अब सदन में सदस्यों की संख्या 53 है। मणिपुर विधानसभा की मौजूदा संख्या समेत 53 है।

सत्ताधारी बीजेपी गठबंधन के पास 29 विधायक हैं। इनमें 18 विधायक बीजेपी, 4 एनपीपी और 4 एनपीएफ के हैं जबकि एक विधायक टीएमसी, एक लोक जनशक्ति पार्टी और एक निर्दलीय विधायक है। 28 जुलाई को कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। सरकार पर संकट तब शुरू हुआ था जब बीजेपी सरकार से 6 विधायकों ने समर्थन वापस ले लिया था। बीजेपी के तीन विधायक कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

बीजेपी ने अपने 18 और कांग्रेस ने 24 विधायकों को व्हिप जारी किया था। दोनों दलों ने अपने विधायकों से सदन में मौजूद रहकर पार्टी के पक्ष में वोट करने को कहा था। बीजेपी को तो सभी वोट मिले, लेकिन कांग्रेस के कई विधायक इसके बाद भी सदन में नहीं आए।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 बंगालः COVID-19 से पिता की मौत, लाश देखने को बेटे से मांगे गए 51 हजार रुपए; किया इन्कार तो परिजन न देख पाए अंतिम संस्कार
2 भारी बारिश से कर्नाटक को हुआ करीब 4 हजार करोड़ रुपए का नुकसान, 80 हजार एकड़ फसल तबाह; केंद्र से त्वरित मदद की मांग
3 बड़े भाई की मौत के बाद की थी राजनीति में एक्सीडेंटल एंट्री, मुख्यमंत्री रहते हार गए चुनाव, जानें हेमंत सोरेन का राजनीतिक सफर
ये पढ़ा क्या?
X