ताज़ा खबर
 

एक साल में तीन राज्यपाल देखे मणिपुर ने

वर्ष 2015 में भी मणिपुर में उग्रवादी गतिविधियां जारी रहीं जिनमें 18 सैन्यकर्मियों की जान गई। इसके अलावा अक्सर होने वाली हड़तालों और बंद ने राज्य को काफी क्षति पहुंचाई..

Author इंफल | January 2, 2016 12:53 AM

वर्ष 2015 में भी मणिपुर में उग्रवादी गतिविधियां जारी रहीं जिनमें 18 सैन्यकर्मियों की जान गई। इसके अलावा अक्सर होने वाली हड़तालों और बंद ने राज्य को काफी क्षति पहुंचाई। बीते एक साल में राज्य ने तीन राज्यपाल देखे। केके पॉल के स्थान पर सैयद अहमद 16 मई को राज्य के राज्यपाल बने। कैंसर के कारण 27 सितंबर को मुंबई के लीलावती अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद मौजूदा राज्यपाल वी. षणमुगानाथन ने 30 सिंतबर को राज्यपाल के तौर पर शपथ ली।

अपने कार्यकाल के दौरान अहमद ने मणिपुर किराएदार, आगंतुक व प्रवासी श्रमिक विधेयक 2015 को मंजूरी देने से मना कर दिया, जिसे विधानसभा ने 15 मार्च को पारित किया था। बाद में इसे 16 अगस्त को एक विशेष सत्र के दौरान वापस ले लिया गया। भाजपा ने पहली बार यहां की 60 सदस्यों वाली विधानसभा में अपना खाता खोला जब 21 नवंबर को हुए उपचुनाव में जॉयकिशन सिंह व विश्वजीत सिंह ने कांग्रेस के अपने विरोधियों को हराकर जीत दर्ज की।

HOT DEALS
  • Jivi Energy E12 8 GB (White)
    ₹ 2799 MRP ₹ 4899 -43%
    ₹0 Cashback
  • Moto C Plus 16 GB 2 GB Starry Black
    ₹ 7095 MRP ₹ 7999 -11%
    ₹0 Cashback

राज्य के लिए अच्छी खबर यह रही कि केंद्र सरकार ने देश के पहले खेल विश्वविद्यालय को मणिपुर में स्थापित करने का निर्णय किया और इसके लिए थोउबल जिले को चुना गया। इसी के साथ विधानसभा में एक विधेयक पारित कर मणिपुर संस्कृति विश्वविद्यालय की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ।

वर्ष 2015 में उग्रवादियों ने अपनी गतिविधियों से सुरक्षा बलों को चौकस रहने पर मजबूर कर दिया। इसके अलावा एक सर्वेक्षण के मुताबिक अक्सर होने वाले बंद और हड़ताल की वजह से राज्य को प्रतिदिन के हिसाब से 36 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App