नागपुर से निकाला गया अफगानी युवक बना तालिबान लड़ाका? टूरिस्ट वीजा पर आया था भारत, शरीर पर थे गोलियों के निशान

Man Deported From Nagpur to Afghanistan: करीब दो महीने पहले जिस अफगानी नागरिक को भारत से वापस उसके देश अफगानिस्तान भेजा गया था, उस युवक के तालिबान लड़ाका बन जाने की चर्चा जोर पकड़ रही है।

Man Deported From Nagpur to Afghanistan
10 साल तक अफगानी युवक अवैध तरीके से नागपुर में रहता रहा। Source- Social Media

Man Deported From Nagpur to Afghanistan: करीब दो महीने पहले जिस अफगानी नागरिक को भारत से वापस उसके देश अफगानिस्तान भेजा ( Nagpur to Afghanistan ) गया था, उस युवक के तालिबान लड़ाका बन जाने की चर्चा जोर पकड़ रही है। पुलिस से जब इस बाबत सवाल किए गए तो उन्होंने कहा कि यह वही शख्स है या नहीं और वह तालिबानी लड़ाकों के साथ क्या कर रहा है इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने माना कि करीब दो महीने पहले एक अफगानी नागरिक को गिरफ्तार किया गया था जो अवैध तरीके से रह रहा था। युवक को जांच पड़ताल के बाद वापस अफगानिस्तान (Nagpur to Afghanistan) भेज दिया गया था।

टूरिस्ट वीजा पर आया था भारत: नागपुर पुलिस के अधिकारी ने बताया कि हमे सूचना मिली की शहर में अफगानी युवक साल 2010-11 से ही बिना दस्तावेजों के रह रहा है। हमें उसकी जांच की तो पता चला कि वह टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था और समय पूरा होने के बाद भी नागपुर में रह रहा था। उन्होंने बताया कि जांच पड़ताल में उसकी गतिविधियां संदिग्ध नहीं पाई गई लिहाजा उसे वापस अफगानिस्तान भेज दिया गया।

शरीर पर थे गोलियों के निशान: बताया जा रहा है कि अफगानी युवक के शरीर पर गोलियों के भी निशान थे। इस बारे में पुलिस ने माना कि उसके शरीर पर ऐसे निशान देखे गए थे जोकि गोली द्वारा घायल होने पर बनते हैं, इसके बाद उसकी मुस्तैदी से जांच की गई थी, सभी स्तरों पर निश्चिंत होने के बाद ही उसे वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। उन्होंने कहा कि उसके तालिबानियों के साथ कनेक्शन की कोई जानकारी नहीं थी।

किस कारण इतने लंबे समय तक नागपुर में रहा? : तालिबानियों से संबंध रखने वाले युवक का इतने लंबे समय तक नागपुर में रहना संशय पैदा करता है। क्या वह किसी समझौते या मिशन के तहत भारत में रह रहा था या नागपुर में रहते हुए वह भारत के दूसरे इलाकों की रेकी कर रहा था। इस सवाल के जवाब में पुलिस ने कहा कहा कि ऐसा कोई संदेह नहीं हुआ था, हमने सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की थी।

शरणार्थी बनने के लिए दिया था आवेदन: युवक की बंदूक थामे तस्वीर सोशल मीडिया के जरिए सामने आई है। वह 2010 में 6 महीने के लिए नागपुर आया था और 10 सालों से भी ज्यादा समय तक भारत में रहा। युवक ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ( UNHRC) में शरणार्थी का दर्जा देने के लिए आवेदन किया था लेकिन उसका आवेदन खारिज कर दिया गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार युवक का नाम नूर मोहम्मद अजीज मोहम्मद था और वह नागपुर के दीघोरी इलाके में किराये के मकान में रहता था। 23 जून को उसे वापस अफगानिस्तान भेज दिया गया था। हाल ही में सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीर सामने आई है जहां वो बंदूक पकड़े हुए नजर आ रहा है। उसका असली नाम नूर हक बताया जा रहा है, हाल ही में उसने एक धारदार हथियार के साथ एक वीडियो भी शेयर किया था।

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