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बंगाल में ममता सरकार ने किया ‘लक्ष्मीर भंडार’ कार्यक्रम का विस्तार, दायरे में आएंगे 1.55 करोड़ परिवार

इस योजना के तहत, राज्य सरकार अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति परिवारों की महिला प्रमुखों को प्रति माह 1,000 रुपये और सामान्य वर्ग से संबंधित लोगों को 500 रुपये प्रति माह देती है। विस्तार हो जाने के बाद अब यह कार्यक्रम 1 करोड़ 55 लाख परिवारों को कवर करेगा।

Bengal Mega Business Summit
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने शिखर सम्मेलन की पूर्व संध्या पर कोलकाता में सरकार द्वारा आयोजित मिलन मेले में एक-दूसरे को बधाई दी। (फोटो पार्थ पॉल इंडियन एक्सप्रेस)

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को ‘लक्ष्मी भंडार’ (लक्ष्मी का खजाना) नामक परिवारों की महिला प्रमुखों के लिए राज्य के बुनियादी आय सहायता कार्यक्रम के विस्तारित संस्करण का शुभारंभ किया। राजधानी कोलकाता में चल रहे मेगा-बिजनेस समिट में उन्होंने कहा कि अब यह 5 लाख और परिवारों को कवर करेगा। सीएम ने एक बटन दबाकर इसकी शुरुआत की।

पिछले साल शुरू की गई इस योजना के तहत, राज्य सरकार अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति परिवारों की महिला प्रमुखों को प्रति माह 1,000 रुपये और सामान्य वर्ग से संबंधित लोगों को 500 रुपये प्रति माह देती है। विस्तार हो जाने के बाद अब यह कार्यक्रम 1 करोड़ 55 लाख परिवारों को कवर करेगा।

इस सम्मेलन में अडानी ग्रुप के प्रमुख गौतम अडानी, आईटीसी प्रमुख संजीव पुरी, टाटा स्टील के टीवी नरेंद्रन, आरपीजी ग्रुप के संजीव गोयनका, बंधन बैंक के चंद्रशेखर घोष, बजाज ऑटो के संजीवन बजाज, किर्लोस्कर ग्रुप के विक्रम किर्लोस्कर समेत जाने माने उद्योगपति एवं औद्योगिक घरानों और देशी-विदेशी बड़ी कंपनियों शीर्ष अधिकारी हिस्सा ले रहे है। इससे पहले राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास की बहुत संभावनाएं हैं।

सम्मेलन में आए मेहमानों के लिए सीएम ममता बनर्जी ने मंगलवार को मिलन मेला ग्राउंड में रात्रिभोज का आयोजन किया। यहां मुख्यमंत्री ने कुछ प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की।

कार्यक्रम के बारे में राज्य सरकार के अधिकारियों ने बताया, कि “इस साल, ममता बनर्जी सरकार के लिए व्यापार शिखर सम्मेलन बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य एक गंभीर बेरोजगारी की समस्या का सामना कर रहा है। ममता बनर्जी को पहले ही सत्ता में दस साल से अधिक हो चुके हैं, लेकिन अब तक, राज्य में कोई बड़ा निवेश नहीं हुआ है। कोविड महामारी के परिणामस्वरूप बेरोजगारी की समस्या के कारण राज्य से बड़ी संख्या में लोग पलायन कर गए। इसके अलावा, ममता बनर्जी ने 2021 के विधानसभा चुनावों से पहले वादा किया था कि वह राज्य में औद्योगीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगी।”

बंगाल में औद्योगिक स्थिति पर सरकार की आलोचना करते हुए, माकपा नेता सुजान चक्रवर्ती ने कहा, “सरकार ने हमेशा कहा कि कई व्यावसायिक प्रस्ताव आए थे, लेकिन वास्तविक निवेश का कभी खुलासा नहीं किया। सरकार ने हमें गलत सूचना दी। यह लोगों को गुमराह करने की कोशिश है।”

बीजेपी नेता समिक भट्टाचार्य ने कहा, ‘मुख्यमंत्री ताजी हवा के लिए इको पार्क में रुकी हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल की हवा में विस्फोटकों की गंध आ रही है। पश्चिम बंगाल अब एक व्यापारिक क्षेत्र नहीं रह गया है, जिसके लिए टीएमसी जिम्मेदार है।

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