ताज़ा खबर
 

तृणमूल कांग्रेस छेड़ेगी भाजपा भारत छोड़ो आंदोलन

राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस नौ अगस्त से गांव-गांव में ‘भाजपा भारत छोड़ो’ आंदोलन शुरू करेगी।
Author कोलकाता | July 22, 2017 01:35 am
बीजेपी के खिलाफ ममता का आंदोलन

राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस नौ अगस्त से गांव-गांव में ‘भाजपा भारत छोड़ो’ आंदोलन शुरू करेगी। यह आंदोलन 30 अगस्त तक चलेगा। मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने शुक्रवार को यहां तृणमूल कांग्रेस की ओर से आयोजित सालाना शहीद रैली के दौरान इसका एलान किया। 21 जुलाई, 1993 को पुलिस की गोली से मारे गए 13 युवकों की याद में ममता हर साल इस दिन को शहीद दिवस के तौर पर मनाती रही हैं। ध्यान रहे कि वर्ष 1942 में नौ अगस्त को ही कांग्रेस ने ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो’ के नारे के साथ आंदोलन शुरू किया था। अपने 50 मिनट के भाषण में अबकी पहली बार ममता के निशाने पर भाजपा रही। इससे पहले अपनी इस रैली में वे वाममोर्चा पर हमले करते रही थीं। उन्होंने वाममोर्चा पर भी निशाना साधा। लेकिन हमले के केंद्र में केंद्र की भाजपा सरकार ही रही।

उन्होंने दो टूक कहा,‘केंद्र राज्य सरकारों को काम नहीं करने दे रहा, हम उसके नौकर नहीं हैं।’उन्होंने इस मौके पर केंद्र सरकार और भाजपा पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा के खिलाफ 18 विपक्षी राजनीतिक दलों के गठबंधन का भविष्य में और विस्तार किया जाएगा। केंद्र पर राज्य सरकारों को काम नहीं करने देने का आरोप लगाते हुए ममता ने कहा कि हम उसके नौकर नहीं हैं। ममता ने दावा किया कि अगले लोकसभा चुनावों में भगवा पार्टी केंद्र की सत्ता से हट जाएगी। ममता ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल को वाममोर्चा-मुक्त कर दिया है और अब वह देश को भाजपा-मुक्त करेगी। उन्होेंने बताया कि भाजपा के खिलाफ आंदोलन हर लोकसभा, विधानसभा क्षेत्र, ब्लाक, शहरों और गांवों में शुरू होगा। पार्टी के तमाम नेता, मंत्री, सांसद व विधायक इसमें हिस्सा लेंगे।

आंदोलन की शुरूआत और अंत के मौके पर खुद ममता मौजूद रहेंगी। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने दावा किया कि उनकी पार्टी अगले लोकसभा चुनावों में भाजपा को केंद्र की सत्ता से बेदखल कर देगी। उन्होंने कहा कि बंगाल में इस पार्टी को लोकसभा की एक सीट भी नहीं मिलेगी। उन्होंने तमाम विपक्षी दलों से अगले लोस चुनावों में भाजपा से मुकाबले के लिए एकजुट होने और विपक्षी एका को और मजबूत करने की अपील की। धूलागढ़ और बशीरहाट की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने भाजपा पर राज्य में सांप्रदायिक हिंसा को उकसाने का आरोप लगाया। ममता ने कहा कि भाजपा राज्य में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के लिए फेसबुक और दूसरे सोशल साइटों का हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने साइबर अपराध को एक गंभीर अपराध करार दिया।

केंद्र में भाजपा की अगुवाई वाली राजग सरकार को आड़े हाथों लेते हुए ममता ने उस पर राज्य सरकारों के साथ सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हम केंद्र के नौकर नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र के खिलाफ आवाज उठाते ही सीबीआइ और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को पीछे लगा दिया जाता है। लेकिन हम इससे डर कर चुप नहीं बैठेंगे। केंद्र की नीतियों और जनविरोधी फैसलों के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस आंदोलन जारी रखेगी।
21 जुलाई, 1993 की पुलिस फायरिंग का जिक्र करते हुए ममता ने कहा कि उक्त घटना की जांच के लिए राज्य सरकार की ओर से गठित जांच आयोग की रिपोर्ट मिल गई है। उसके आधार पर दो मुख्यमंत्रियों ज्योति बसु और बुद्धदेव भट्टाचार्य के अलावा बाकी तमाम दोषियों के खिलाफ कारर्वाई की जाएगी।
ममता ने एक बार फिर कहा कि शारदा चिटफंड घोटाले और नारदा स्टिंग वीडियो में तृणमूल कांग्रेस का कोई भी नेता शामिल नहीं है। केंद्र के खिलाफ आवाज उठाने की वजह से ही राजनीतिक साजिश के तहत इन मामलों में पार्टी के नेताओं को फंसाया जा रहा है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App