पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी की प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी में चल रहे असंतोष के बीच बड़े पैमाने पर संगठन में फेरबदल किया है। ममता बनर्जी ने शनिवार को सांसद सायोनी घोष को पार्टी की यूथ विंग के अध्यक्ष पद से हटा दिया। घोष की जगह युवा नेता अर्णब बनर्जी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके साथ ही ममता बनर्जी ने अपनी वफादार और कोलकाता साउथ की सांसद माला रॉय को भी महिला मोर्चा के अध्यक्ष पद से हटा दिया है।
माला रॉय की जगह नदिया जिले के कालिगंज से टीएमसी विधायक अलीफा अहमद को महिला मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। सायोनी घोष और माला रॉय पार्टी से बगावत करने वाले सांसदों के गुट में शामिल हैं। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में हार मिलने के बाद से ही टीएमसी में बड़े पैमाने पर उथल-पुथल चल रही है।
लोकसभा स्पीकर से मिलेंगे बागी सांसद
बागी सांसदों का कहना है कि वे सोमवार को लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात करेंगे और उन्हें एक पत्र भी सौंपेंगे जिसमें वे उनके गुट को असली टीएमसी के रूप में मान्यता देने की मांग करेंगे।
बागी सांसदों का नेतृत्व कर रहीं काकोली घोष दस्तीदार ने ऐलान किया है कि उनके गुट को असली टीएमसी की मान्यता मिलने पर वे एनडीए का समर्थन करेंगे।
उधर, पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने भी शनिवार को केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की है। टीएमसी नेताओं ने दावा किया है कि कम से कम 28 लोकसभा सांसदों में से 20 सांसद उनके साथ आ गए हैं।
यह भी पढ़ें- टीएमसी के टूटने से भाजपा को होगा फायदा
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद से ममता बनर्जी की पार्टी बिखरती जा रही है। ममता के करीबी नेता जो कभी उनके हमदर्द हुआ करते थे, अब बगावत का बिगुल फूंक चुके हैं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
