होली से ठीक एक दिन पहले, दिल्ली के उपराज्यपाल के आदेश पर दिल्ली पुलिस में वरिष्ठ IPS अधिकारियों और DANIPS कैडर के अधिकारियों के बड़े तबादले किए गए हैं। दिल्ली सरकार के गृह विभाग की ओर से मंगलवार को जारी आदेश में 1994 बैच के वरिष्ठ IPS अधिकारी आनंद मोहन को महानिदेशक (जेल) नियुक्त किया गया है। वहीं, 1991 बैच के वरिष्ठ IPS अधिकारी वीरेंद्र सिंह को सिविल डिफेंस DG से ट्रांसफर कर महानिदेशक (होमगार्ड) बनाया गया है। इसके अलावा 1997 बैच के IPS अधिकारी सुरेंद्र सिंह यादव को सिविल डिफेंस का नया DG नियुक्त किया गया है।

कई बड़े अफसर इधर से उधर हुए

दिल्ली सरकार के गृह विभाग के प्रधान सचिव संतोष डी. वैद्य की ओर से जारी आदेश में ज्वाइंट CP स्तर के कई अधिकारियों के भी ट्रांसफर किए गए हैं। इनमें 2002 बैच के IPS संजय कुमार जैन, 2003 बैच के IPS कीमे केमिंग, 2004 बैच के IPS धीरज कुमार, 2004 बैच के IPS अजीत कुमार सिंगला और महेंद्र नाथ तिवारी, 2007 बैच के IPS विजय कुमार और 2008 बैच के IPS संजय कुमार त्यागी प्रमुख रूप से शामिल हैं।

इन सभी अधिकारियों को अलग-अलग जगहों पर ज्वाइंट CP नियुक्त किया गया है। कई अधिकारी पहले से ही ज्वाइंट CP की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, जिनका कार्यक्षेत्र बदलकर नई जिम्मेदारी दी गई है।

इसके अलावा, 2008 बैच के IPS अधिकारी संजय कुमार त्यागी, जो वर्तमान में अतिरिक्त आयुक्त (टेक्निकल) के अतिरिक्त दिल्ली पुलिस में जनसंपर्क अधिकारी का भी अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे, अब उन्हें संयुक्त आयुक्त (यातायात) की जिम्मेदारी दी गई है। उपराज्यपाल के आदेश पर 20 DANIPS कैडर के वरिष्ठ अधिकारियों के भी तबादले किए गए हैं। दानिप्स (दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दमन और दीव तथा दादरा और नगर हवेली पुलिस सेवा) का संक्षिप्त नाम है।

उधर, होली से पहले आदतन अपराधियों, अवैध शराब विक्रेताओं, मादक पदार्थों के तस्करों और अन्य उपद्रवियों के खिलाफ चलाए गए ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत, दिल्ली पुलिस के दक्षिणी रेंज ने 204 लोगों को गिरफ्तार किया है और 973 व्यक्तियों के खिलाफ निवारक प्रावधान लागू किए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक त्योहार के शांतिपूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए दक्षिण एवं दक्षिणपूर्वी जिलों में “खुफिया जानकारी के आधार पर” अभियान चलाया गया, जिसमें अराजकतत्वों के खिलाफ समन्वित कार्रवाई की गई।

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चंडीगढ़ की जिला अदालत ने 2020 के एक लूटपाट के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। तीन युवकों पर मौली जागरण इलाके में एक राहगीर से 600 रुपये, एक मोबाइल और आधार कार्ड लूटने का आरोप था। कोर्ट ने तीनों को ही दोषी मानते हुए 10 साल की सजा सुनाई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक