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कर्नाटक: चुनाव से ऐन पहले कांग्रेस ने कत्‍ल के आरोपी कारोबारी नेता को बनाया सदस्‍य, पार्टी में मनमुटाव

व्यवसायी अशोक खेनी पर हत्या, जमीन हड़पने और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप हैं। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने ही उनके खिलाफ जांच की प्रक्रिया शुरू की थी। कर्नाटक की विपक्षी पार्टी बीजेपी ने भी कांग्रेस की कड़ी आलोचना की है।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया। (फोटो सोर्स- एएनआई)

कर्नाटक में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी विवादों में घिर गई है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व में कई संगीन अपराधों के आरोपी व्यवसायी और नेता अशोक खेनी को कांग्रेस में शामिल करने का फैसला किया गया है। नंदी इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर इंटरप्राइज (एनआईसीई) के प्रमुख अशोक बीदर दक्षिण से निर्दलीय विधायक भी हैं। उन पर हत्या, अवैध तरीके से जमीन कब्जाने और धोखाधड़ी जैसे आरोप हैं। अशोक के कांग्रेस में शामिल होने के साथ ही उनकी पार्टी कर्नाटक मक्कल पक्ष का भी सत्तारूढ़ पार्टी में विलय हो गया है। कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने नाराजगी जाहिर की है। ‘द न्यूज मिनट’ के अनुसार, ऊर्जा मंत्री डीके शिवकुमार ने अशोक खेनी को कांग्रेस में शामिल करने की पैरोकारी की थी, जिसे आखिरकार सीएम सिद्धारमैया ने हरी झंडी दे दी। शिवकुमार ने इस बात को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने बताया कि पार्टी नेतृत्व ने अशोक खेनी को पार्टी में शामिल करने से पहले बीदर के सभी नेताओं की राय ली थी। वहीं, वरिष्ठ नेता एटी. सोमशेखर, विधायक मुनीराथना, बयरथी बसवराज और बीदर के तकरीबन सभी नेताओं ने पार्टी अशोक को कांग्रेस में शामिल करने का विरोध किया है। नाराज नेताओं ने इस बाबत पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखने की बात कही है। बता दें कि अशोक खेनी की कंपनी ने ही बेंगलुरु के विवादास्पद रिंग रोड का निर्माण किया था।

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सिद्धारमैया सरकार ने ही अशोक के खिलाफ दिया था जांच का आदेश: दिलचस्प है कि सिद्धारमैया की मौजूदा सरकार ने ही अशोक खेनी पर लगे गंभीर आरोपों की जांच कराने का फैसला लिया था। अशोक पर लगे अनियमितता के आरोपों की जांच के लिए वर्ष 2014 में विधानसभा की संयुक्त समिति गठित की गई थी। समिति ने वर्ष 2017 में आरोपी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करने की सिफारिश की थी। अब उसी पार्टी ने अशोक को पार्टी में शामिल कर लिया। कांग्रेस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि बीदर में लिंगायत समुदाय के वोट के लिए अशोक को पार्टी में शामिल करने का फैसला लिया गया। इनके मुताबिक, सिद्धारमैया और अशोक खेनी के मिलकर प्रचार करने से लिंगायत के साथ कुरुबा समुदाय का वोट भी कांग्रेस को मिलने की उम्मीद है।

भाजपा हमलावर: भाजपा नेताओं ने सिद्धारमैया की कड़ी आलोचना की है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं आर. अशोक, सीटी रवि और सुरेश कुमार ने अशोक खेनी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। आर. अशोक ने कहा कि अशोक खेनी को पार्टी में शामिल करने से यह साबित हो गया है कि कांग्रेस जनता को लूटने वाली पार्टी है। वहीं, केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी कांग्रेस को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘मैसूर-बेंगलुरु हाईवे से लगते क्षेत्रों में जमीन हड़पने के आरोपी अशोक खेनी को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा जेल में डाला जाना चाहिए था। इसके बजाय उसे कांग्रेस में शामिल कर लिया गया। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वह बात साबित होती है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सिद्धारमैया सरकार सीधा रुपैया की सरकार है।’

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