बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार और गायिका से विधायक बनीं मैथिली ठाकुर की आपत्तिजनक तस्वीरें बनाने वाले शख्स को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस व्यक्ति को बिहार के गया जिले से पुलिस ने पकड़ा। इस शख्स ने एआई टेक्नोलॉजी और फोटो एडिटिंग टूल्स की मदद से बनाकर पिछले हफ्ते फेसबुक पर पोस्ट कर दी थीं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी 35 वर्षीय विकास कुमार यादव शब्दौन गांव का निवासी है जो फतेहपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। गौर करने वाली बात है कि तस्वीरें पोस्ट होते ही तेजी से वायरल हो गईं और इसके बाद कई शिकायतें हुई। मामला पुलिस के संज्ञान में आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फतेहपुर पुलिस ने जांच शुरू की और डिजिटल व टेक्निकल ऐनालिसिस के जरिए सोशल मीडिया गतिविधियों को ट्रेस किया।
आरोपी ने मांगी माफी
जांच में मिले तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के घर पर छापेमारी की और शनिवार (14 मार्च) शाम उसे गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद विकास कुमार यादव ने अपनी करतूत को स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी अपलोड किया जिसमें उसने अपनी गलती मानी।
थाना प्रभारी मनोज कुमार ने कहा, “सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और मिसलीडिंग कॉन्टेन्ट पोस्ट किए जाने की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया।”
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल डिवाइसेज भी जब्त कर लिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह पता लगाने के लिए आगे जांच जारी है कि इस करतूत में कोई और व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।
एआई का गलत इस्तेमाल दंडनीय अपराध
अधिकारी ने जोर देकर कहा कि डिजिटल टेक्नोलॉजी और एआई का दुरुपयोग कर किसी की इमेज खराब करना दंडनीय अपराध है। उन्होंने कहा, “किसी भी व्यक्ति के बारे में आपत्तिजनक फोटो, वीडियो या संदेश बनाना या एडिट करना और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करना कानून के तहत अपराध है। ऐसे मामलों में Information Technology Act, 2000 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाती है।”
पुलिस ने आम लोगों से अपील करते हुए सोशल मीडिया यूजर्स को ऑनलाइन कॉन्टेन्ट पोस्ट करते समय जिम्मेदारी और सावधानी बरतने की सलाह दी। अधिकारियों ने लोगों से कहा कि वे भ्रामक, फर्जी या आपत्तिजनक सामग्री साझा करने से बचें और यदि ऐसी कोई पोस्ट दिखाई दे तो उसे आगे भेजने के बजाय पुलिस या संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि टेक्नोलॉजी का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह समाज के लिए फायदेमंद है। लेकिन एआई और अन्य डिजिटल टूल्स का गलत इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
