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इस महाशिवरात्रि पर 12 साल बाद बना है एक संयोग

शिवरात्रि सोमवार को होने के साथ ही घनिष्ठा नक्षत्र में भी पड़ रहा है। यह अद्भुत संयोग लगभग 12 सालों के बाद पड़ रहा है।

Author नई दिल्ली | Updated: March 7, 2016 1:04 PM
महाशिवरात्रि के मौके पर जम्मू में एक शिवभक्त शिव का नृत्य करते हुए। (पीटीआई फोटो)

आज महाशिवरात्रि का पर्व है। आज फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी है ऐसे में महाशिवरात्रि का विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि आज ही के दिन शिव-पार्वती का विवाह हुआ था। इसी वजह से कई स्थानों पर शिव की बारात भी निकाली जाती है।

वैसे तो सोमवार का दिन शिव का माना जाता है और इसलिए इस दिन शिवभक्त व्रत रखते हैं, लेकिन इस साल शिवरात्रि को ऐसा दुर्लभ संयोग पड़ा है, सालों में कभी-कभी ही आता है। शिवरात्रि सोमवार को होने के साथ ही घनिष्ठा नक्षत्र में भी पड़ रहा है। यह अद्भुत संयोग लगभग 12 सालों के बाद पड़ रहा है। इसी वजह से खास है आज की महाशिवरात्रि।

शिवरात्रि का महत्व:

महाशिवरात्रि के दिन सभी कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर और विवाहित महिलाओं को अखंड सुहाग का वरदान दिलाने वाला सुअवसर प्रदान करता है। अगर विवाह में कोई बाधा आ रही हो, तो भगवान शिव और जगत जननी के विवाह दिवस यानी महाशिवरात्रि पर इनकी पूजा-अर्चना करने से मनोकामना पूरी होती है।

कई वर्षों बाद इस बार महाशिवरात्रि अद्भुत संयोग लेकर आ रही है। ज्योतिषाचार्यों की माने तो वर्षों बाद इस तरह का संयोग निर्मित हुआ है। इसलिए इस महाशिवरात्रि का महत्व कई गुना अधिक होगा। इस शिवरात्रि पर शिव की आराधना का भक्तों को कई गुणा अधिक फल प्राप्त होगा। भगवान रुद्र रूप में प्रकट हुए थे। इस वर्ष महाशिवरात्रि का यह अदभुत संयोग महादेव की आराधना के लिए सर्वोत्तम होगा। भगवान को जलाभिषेक व पूजा-पाठ करने से घर में सुख- समृद्धि बनी रहेगी। धार्मिक कार्यों की दृष्टि से यह खास माना गया है।

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