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महाशिव रात्रि महोत्सव : देवघर में शिव बारात की तैयारी जोरों पर

शिव बारात के आयोजन की तैयारियां शिवबारात महोत्सव समिति के तहत जोर शोर से बीते एक महीने से चल रही है। जिसका अंतिम रूप देने के लिए शनिवार को एक बैठक पूर्व महापौर व समिति के अध्यक्ष राजनारायण खवाड़े उर्फ बबलू खवाड़े की अध्यक्षता में हुई।

समिति बीते 24 साल से बाबा की शिव बारात का आयोजन काफी उत्साह, उमंग और धार्मिक माहौल में मना रही है।(Source: Wikimedia Commons)

शिवरात्रि महोत्सव समिति के 25वें साल पर बैताल पचीसा झांकी देखना हो तो बाबानगरी देवघर आइए। 14 फरवरी को पूरे देश में महाशिव रात्रि महोत्सव मनाया जा रहा है। देवघर यानी देवताओं का घर भी अपने अनूठे अंदाज में इस मौके पर बाबा की शिव बारात का आयोजन करता है। भागलपुर में शिव बारात निकालने का 95वां साल है। यहां यह आयोजन एक दिल समिति करती है। देवघर की समिति अपना रजत साल मना रही है। यहां झांकियों और बारात की भव्यता वाकई देखने काबिल होती है। देवघर के बाबा वैद्यनाथ द्वादस ज्योतिर्लिंग में से एक माना जाता है। इस मौके पर लाखों श्रद्धालु यहां आकर बाबा का जलाभिषेक करते है। ये सुलतांगज की उत्तरवाहिनी गंगानदी का जल पात्र में यहां लाते है। अबकी प्रशासन ने शिवलिंग पर अरघा लगाने की बात कही है। ताकि आने वाले सभी श्रद्धालुओं का जल तरीके से बाबा को अर्पित हो सके। और गर्भगृह में धक्का मुक्की ठेलम ठेली न हो।

शिव बारात के आयोजन की तैयारियां शिवबारात महोत्सव समिति के तहत जोर शोर से बीते एक महीने से चल रही है। जिसका अंतिम रूप देने के लिए शनिवार को एक बैठक पूर्व महापौर व समिति के अध्यक्ष राजनारायण खवाड़े उर्फ बबलू खवाड़े की अध्यक्षता में हुई। जिसमें इस साल रजत महोत्सव साल को बड़े धूमधाम और यादगार बनाने का फैसला हुआ। इस आयोजन में गोड्डा लोकसभा क्षेत्र के सांसद निशिकांत दुबे भी पूरी दिलचस्पी ले रहे है।देवघर उनकी संसदीय सीट का हिस्सा है।

बैताल पचीसा।

ध्यान रहे कि समिति बीते 24 साल से बाबा की शिव बारात का आयोजन काफी उत्साह, उमंग और धार्मिक माहौल में मना रही है। मगर इस साल आयोजन का 25वां साल है। इसी के मद्देनजर शिव बारात के रूट के विस्तार के साथ कुछ अलग हट कर भव्यता का आकार देने की तैयारियां की जा रही है। शिव बारात का रूट अबकी दफा स्टेडियम से निकलकर फुआरा चौक, बस स्टैंड, प्रिंस लाज, बाजला चौक, बजरंगी चौक, राय एंड कंपनी चौक से बाएं होते हुए बैद्यनाथ धाम स्टेशन, बिग बाजार, भगवान टाकीज कचहरी रोड से दाहिने होते हुए टावर चौक पहुंच कर अपने पुराने रूट पर आ जाएगी। ताकि शिवबारात का दर्शन देवघर के हरेक मोहल्ले के वाशिंदें कर सके।

झांकियां तैयार करते कलाकार।

समिति के संयुक्त महमंत्री संजय भारद्वाज बताते है कि शहर के तमाम बिजली की सजावट करने वाले समेत आधुनिक साज सज्जा करने वाले 60 से अधिक डेकोरेटर और बैंड बाजे और दूसरे लोग आयोजन को भव्यता प्रदान करने में पूरा सहयोग कर रहे है। मानव झांकी खासकर बैताल पचीसा को मूर्तरूप देने के लिए समिति के उपाध्यक्ष व कला निकेतन संचालक मार्कण्डेय जजवाड़े समेत डेढ़ दर्जन कलाकार रात दिन लगे है। इस साल 8 झांकियां कुछ खास रहेगी। जो हरेक साल की झांकियों में इजाफा भी होगी और भव्यता भी दिखेगी। ये झांकियां विभिन्न कलाकारों द्वारा तैयार की जा रही है। साथ ही हाथी , घोड़े , ऊंट भी शिव बारात का हिस्सा होंगे। मालूम रहे कि झांकियों में देवता और दैत्य दोनों के रूपों का मिश्रण होगा। आखिर बाबा की बारात जो ठहरी। इसके अलावे पूरे शहर को बंगाल के चंदन नगर की बिजली सजावट और दूधिया रोशनी से नहला देने की तैयारी है।

आयोजन को सफल बनाने के लिए अध्यक्ष राजनारायण खवाड़े उर्फ बबलू समेत समिति के महमंत्री तारा चंद जैन, संयुक्त महमंत्री संजय भारद्वाज, कोषाध्यक्ष उदय गोस्वामी, हनुमान केसरी, पवन कुमार पंडित, उमाशंकर सिंह, बमबम झा, अजित नरौने, अमित सिंह, मुकेश सिंह, मंटू नरौने, राजेश श्रृंगारी, सूरज श्रृंगारी बगैरह सैकड़ों लोग समर्पण भावना से लगे है।

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