कट्टर हिंदू संगठनों के गिरफ्तार लोगों के पास मिले क्रूड बम और ग्रेनेड, छोटे धमाकों का था पूरा इंतजाम - Vaibhav raut hindu jagruti samiti Sanatan sanstha member arrested by Maharashtra ATS for alleged terror plot investigation reveal had complete arrangemet for low level blast - Jansatta
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कट्टर हिंदू संगठनों के गिरफ्तार लोगों के पास मिले क्रूड बम, छोटे धमाकों का था पूरा इंतजाम

अधिकारी ने कहा कि बम फेंकने के बाद घटनास्थल से भागने के लिए आरोपी के पास लगभग एक मिनट का समय होता, ये बम कम क्षमता के थे, और इसका मकसद भगदड़ पैदा करना था, बड़े पैमाने पर हमला करना नहीं।"

समिति का एक बैनर जिसमें वैलेंटाइन डे की बजाय मातृ-पितृ दिवस मनाने को कहा गया है (express photo)

कट्टरपंथी हिन्दू संगठनों से जुड़े सदस्य की गिरफ्तारी के बाद शुरुआती पूछताछ में पता है कि इनके पास से बरामद क्रूड बम थे। इनका इस्तेमाल पब्लिक मीटिंग्स में छोटे धमाकों के लिए किया जा सकता था। संडे एक्सप्रेस को एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “बम लो एक्सप्लोसिव डिवाइस थे, इससे बड़े पैमाने पर तबाही नहीं की जा सकती है, इसका इस्तेमाल पब्लिक मीटिंग में…जैसे कि विरोध मार्च में फेंकने के लिए किया जा सकता था। हालांकि अभी ये जानकारी शुरुआती पूछताछ में आई है, हमलोग पूछताछ में मिले तथ्यों को वेरीफाई कर रहे हैं।”

फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी से एक सूत्र ने बताया कि सभी बम सील थे, इनमें एक मीटर से कम का सेफ्टी फ्यूज लगा था, इस पर ताकत, दवाब, घर्षण, आग लगने से फायरिंग मैकेनिज्म चालू हो जाता, और नॉन इलेक्ट्रानिक डिटोनेटर में आग पकड़ लेता इसके बाद जिलेटिन स्टिक या फिर बारुद में ब्लास्ट होता। आरोपी का मकसद बम को फेंकने के बाद भाग जाने का था।” अधिकारी ने कहा कि बम फेंकने के बाद घटनास्थल से भागने के लिए आरोपी के पास लगभग एक मिनट का समय होता, ये बम कम क्षमता के थे, और इसका मकसद हड़बड़ी पैदा करना था, बड़े पैमाने पर हमला करना नहीं।”

अब फॉरेंसिक साइंस लैब उस ‘काले पदार्थ’ के बारे में पता करने की कोशिश कर रही है जो पाउच जैसे क्रूड बम में मिला है और जिसे कथित रुप से आरोपी ने बनाया (एसंबल) किया था। एक अधिकारी ने कहा, “ये बम पाउच जैसे हैं, इसमें कुछ काला पदार्थ हैं, हम लोग ये पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या ये बारूद है।” बता दें कि इस मामले में पुलिस सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विस्फोटक कैसे लाये गये, और वे कौन लोग थे जो नाला सोपारा में वैभव राउत के घर आते-जाते थे। पुलिस इसका भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किस दुकान से मटेरियल खरीदे गये और इन्हें खरीदने कौन गया।

बता दें कि पुलिस शुक्रवार को तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम हैं वैभव राउत (40), सुधन्वा गोंधालेकर (39), और शरद कालस्कर (25)। वैभव राउत कथित रुप से हिन्दू गोवंश रक्षा समिति का सदस्य है। ये संस्था सनातन संस्था के साथ सहानुभूति रखने वाली मानी जाती है। सुधन्वा गोंधालेकर सतारा का रहने वाला है, ये शख्स श्री शिवप्रतिष्ठान हिन्दुस्तान का सदस्य है। इस संस्था के मुखिया मराठा नेता संभा जी भिड़े हैं। शरद कालस्कर की गिरफ्तारी वैभव राउत के साथ उसी के घर से नालासोपारा से हुई थी। एटीएस ने शरद के पास एक पुर्जी बरामद की थी जिसमें ये बताया गया था कि बम कैसे बनाया जाता है।

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