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Uddhav Thackeray Resignation Updates:… उद्धव ठाकरे ने छोड़ी सीएम की कुर्सी, विधान परिषद की सदस्यता से भी इस्तीफा, बोले- नहीं चाहते कि शिवसैनिकों का खून बहे

Maharashtra Political Crisis Live, Uddhav Thackeray Resigns as Maharashtra CM Live News:…लाइव ब्रॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि मैं नहीं चाहता कि शिवसैनिकों का खून बहे इसलिए मैं पद छोड़ रहा हूं। आप चाहें तो इसकी खुशी मना सकते हैं।

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महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे और मंत्री आदित्य ठाकरे (Express photo by Ganesh Shirsekar/File)

Maharashtra CM Uddhav Thackeray Resignation Updates:..महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने विधान परिषद की सदस्यता भी छोड़ दी है। लाइव ब्रॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि मैं नहीं चाहता कि शिवसैनिकों का खून बहे इसलिए मैं पद छोड़ रहा हूं। आप चाहें तो इसकी खुशी मना सकते हैं। आपको बता दें कि राज्यपाल ने 30 जून को फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया था। आज यानी 29 जून को सुप्रीम कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। इसी बीच उद्धव ने इस्तीफा दे दिया।

उद्धव ने कहा कि रिक्शा वाला, पान वाला न जाने कितनों को मंत्री बनाया बाला साहेब ने आज वो लोग उन्हें भूल गए। उन्होंने कहा कि राज्यपाल को धन्यवाद, जो 24 घंटे के अंदर फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया। उनका कहना था कि बागियों को मनाने के लिए वो सब कुछ करने को तैयार थे। यहां तक कि कांग्रेस और एनसीपी ने सरकार से बाहर जाने की भी पेशकश की थी।

उद्धव ठाकरे अपने संबोधन के दौरान इमोशनल होते भी दिखे। वो बोले कि जिन्हें सब कुछ दिया वो साथ छोड़ गए, जिन्हें कुछ नहीं दिया वो साथ हैं। लेकिन वो खुद को मजबूत दिखाने की भी कोशिश में दिखे। वो बोले कि ‘मेरे पास शिवसेना है, जो कोई छीन नहीं सकता। मैं विधान परिषद से भी इस्तीफ़ा देता हूं।

उन्होंने कहा कि मैं आया भी अनपेक्षित रूप से था और जा भी अनपेक्षित रूप से रहा हूं। मतलब हमेशा के लिए नहीं जा रहा हूं। मैं यहीं रहूंगा और शिवसेना भवन में फिर जा कर बैठूंगा। अपने सभी लोगों को एकत्र करूंगा।

उद्धव ने कहा कि आज मंत्रिमंडल की बैठक हुई। मुझे इसका संतोष है कि औरंगाबाद का नाम संभाजीनगर और उस्मानाबाद का नाम धाराशिव किया गया है। बालासाहेब ठाकरे ने जिन शहरों का जो नाम रखा था, आज हमने उनको वे नाम आधिकारिक तौर पर दिए हैं। वो बोले कि एनसीपी और कांग्रेस के लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने मेरा साथ दिया। आज शिवसेना से सिर्फ मैं, अनिल परब, सुभाष देसाई और आदित्य ये चार ही लोग उस प्रस्ताव के पास होने के समय मौजूद रहे।

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