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परीक्षा में चेकिंग के नाम पर छात्राओं के इनरवियर तक उतरवा दिए, दो महिलाओं पर केस

बारहवीं में पढ़ने वाली 17 वर्षीय एक छात्रा ने पुलिस को अपनी शिकायत में कहा "21 फरवरी को पहली परीक्षा के दौरान दो महिला कर्मचारियों ने मेरे इंनरवियर उतरवाए ताकि वो यह देख सकें कि मेरे पास नकल की पर्ची तो नहीं है।"

प्रतीकात्मक चित्र।

पुणे में एक बहुत ही शर्मनाम मामला देखने को मिला है, जहां पर एक इंस्टीट्यूशन की दो महिला गार्ड पर परीक्षा से पहले होने वाली चेकिंग के दौरान छात्राओं के कपड़े उतरवाने का आरोप लगा है। पीटीआई के अनुसार, यह मामला महाराष्ट्र इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का है, जिसे विश्वशांति गुरुकूल उच्च माध्यमिक स्कूल का परीक्षा केंद्र रखा गया था। इस मामले की शिकायत दो छात्राओं ने पुलिस थाने में दर्ज कराई है।  टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, शनिवार को दर्ज कराई गई अपनी शिकायत में छात्राओं ने बताया कि स्कूल की दो महिला स्टाफ ने परीक्षा केंद्र में घुसने से पहले नकल की पर्ची ढूंढने के लिए उनके इनरवियर कपड़े उतरवाए थे।

बारहवीं में पढ़ने वाली 17 वर्षीय एक छात्रा ने पुलिस को अपनी शिकायत में कहा “21 फरवरी को पहली परीक्षा के दौरान दो महिला कर्मचारियों ने मेरे इंनरवियर उतरवाए ताकि वो यह देख सकें कि मेरे पास नकल की पर्ची तो नहीं है।” महिला कर्मचारियों पर आरोप है कि उन्होंने ऐसा 26 और 28 फरवरी को हुई परीक्षा के दौरान भी किया। रिपोर्ट के अनुसार, वहीं इस मामले पर महाराष्ट्र इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रबंधन ने इस प्रकार की किसी भी घटना से इनकार किया है। प्रबंधन का कहना है कि महिला कर्मचारियों ने चेकिंग के दौरान केवल पीठ पर हाथ फेरा था और किसी भी छात्रा से कपड़े उतारने के लिए नहीं कहा गया था।

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इतना ही नहीं प्रबंधन का यह भी कहना है कि चीटिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने को लेकर हमारे इंस्टीट्यूशन का नाम खराब करने के लिए यह आरोप लगाया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने दोनों महिला कर्मचारी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है। राज्य शिक्षा विभाग के डिविजनल चेयरमैन टीएन सूपे ने इस मामले पर बातचीत करते हुए कहा कि “एमआईटी में परीक्षा इसलिए शिफ्ट की गई थीं क्योंकि पिछले केंद्रो में जन नकल के मामले सामने आए थे, लेकिन छात्रों को गलत तरीके से छुआ नहीं जा सकता। इस मामले को लेकर हम खुद जांच करेंगे।”

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