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औरंगाबाद पर कांग्रेस संग शिवसेना की खटपट? बोले उद्धव- औरंगजेब नहीं सेक्युलर

औरंगाबाद का नाम बदलकर सांभाजी नगर करने के मामले में शिवसेना और कांग्रेस के बीच खटपट हो गई है। महाराष्ट्र के सत्ताधारी गठबंधन में दोनों ही पार्टियां शामिल हैं।

Translated By अंकित ओझा मुंबई | Updated: January 9, 2021 8:04 AM
औरंगाबाद का नाम बदलने पर अड़े उद्धव ठाकरे। (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र में सत्ताधारी गठबंधन शिवसेना और कांग्रेस के बीच औरंगाबाद के नाम बदलने के मुद्दे पर अनबन हो गई। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे औरंगाबाद का नाम बदलकर सांभाजी नगर करने पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि यह नाम सेक्युलर अजेंडे पर भी फिट है लेकिन मुगल बादशाह औरंगजेब का नाम इसमें फिट नहीं है। कांग्रेस ने औरंगाबाद का नाम बदलने पर आपत्ति की थी। इसके जवाब में ठाकरे ने कहा, ‘औरंगजेब सेक्युलर नहीं था। अगर हमारे अजेंडे में सेक्युलरिजम है तो औरंगजेब का नाम इसमें फिट नहीं होता है।’

इस मामले में शिवसेना का स्टैंड अपने सहयोगियों से अलग है। बता दें कि इसी साल औरंगाबाद में निकाय चुनाव भी कराए जाने हैं। पिछले दो दिनों से वह अपने ट्विटर हैंडल पर भी औरंगाबाद का नाम सांभाजी नगर ही लिख रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘यह कोई नई बात तो नहीं है। हमने वही किया है जो कि हम कई सालों से कहते आए हैं और यही बात शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे ने भी कही थी।’

बीजेपी से वापस शिवसेना में आए वसंत गीते और सुनील बगुल के स्वागत समारोह में उद्धव ठाकरे बोल रहे थे। बुधवार को उद्धव ठाकरे ने एक ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने कैबिनेट के एक फैसले का जिक्र करते हुए औरंगाबाद को सांभाजी नगर कहा था। उन्होंने कहा था कि कैबिनेट ने औरंगाबाद कैंसर हॉस्पिटल में 165 नए बेडों और 360 पदों को मंजूरी दे दी है। इसमें उन्होंने राज्य के शिक्षा मंत्री और कांग्रेस नेता अमित देशमुख को भी टैग किया था।

गुरुवार को मुख्यमंत्री ने सांभाजी नगर की बात करते हुए दो ट्वीट किए थे। जब संभाजीनगर के बारे में कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हान से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह पार्टी की प्राथमिकता नहीं है। चव्हान इस समय कैबिनेट में मंत्री भी हैं। उन्होंने क हा था, ‘यह तीन पार्टियों की सरकार है। जो मुद्दा हमारी प्राथमिकता में नहीं है उसपर कोऑर्डिनेशन कमिटी में बात होनी चाहिए।’

चव्हान ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की बात याद दिलाते हुए यह भी कहा था कि शिवसेना को गठबंधन का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘अटल बिहारी ने एक बार राम मंदिर के बारे में कहा था, जब भी मैं कुछ करना चाहता हूं, मेरी सरकार इसे करने के लिए बहुमत में नहीं होती है।’ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने कहा, बात औरंगजेब की नहीं है। हमारा विपक्ष इस तरह का नाम बदलने वाली राजनीति करता है और लोगों के बीच तनाव पैदा करता है। हम अपनी बात सीएम को समझाएंगे।

 

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