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शिवाजी मेमोरियल के नए डिजाइन को अब तक मंजूरी नहीं, सरकार शुरू कराने जा रही काम

दस्तावेजों से पता चलता है कि मुंबई क्षेत्र के चीफ इंजीनीयर ने 23 अगस्त को मूर्ति निर्माण के लिए 3,533.46 करोड़ का प्रस्ताव भेजा जोकि पूर्व में हुए अनुबंध समझौते से 643 करोड़ ज्यादा है। ये प्रशासनिक मंजूरी के लिए यह प्रस्ताव PWD सचिव को भेजा गया।

Updated: October 15, 2018 2:07 PM
अरब सागर में शिवाजी मेमोरियल निर्माण का खाका। (फाइल फोटो)

महत्वाकांक्षी छत्रपति शिवाजी महाराज मेमोरियल प्रोजेक्ट को अभी भी अपने संशोधित डिजाइन के लिए तकनीकी पैनल की मंजूरी नहीं मिली है। इसके बाद भी महाराष्ट्र सरकार के पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट (PWD) ने मेमोरियल का निर्माण करने वाली कंपनी लार्सन ऐंड टुब्रो (L&T) से 19 अक्टूबर से काम शुरू करने के लिए पूछा है। इस प्रोजेक्ट की समयसीमा पहले ही करीब सात महीने 15 दिन बढ़ाई जा चुकी है। खास बात यह है कि मेमोरियल का काम शुरू करने से पहले ही इसकी लागत 643 करोड़ रुपए बढ़ गई है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक 19 अक्टूबर से काम शुरू करने के लिए L&T से 12 अक्टूबर को पूछा गया। ये जानकारी ऐसे समय में सामने आई है जब मुंबई पोर्ट ट्रस्ट ने कुछ शर्तों के साथ इसके संशोधित काम को मंजूरी दे दी। मामले में एक अधिकारी ने बताया कि ठेकेदार इस पर जल्द ही पुर्नविचार कार्य शुरू कर सकते हैं।

आरटीआई से इंडियन एक्सप्रेस को मिले दस्तावेजों के मुताबिक PWD ने 1 मार्च, 2018 को मेमोरियल निर्माण करने वाले ठेकेदार को एक ‘स्वीकृति पत्र’ मार्च में जारी किया है। इसमें बताया बताया गया है कि निर्माण की अनुमति मिलने के बाद काम 36 महीनों के भीतर पूरा हो जाए। हालांकि इसके अलावा 14 सितंबर को PWD ने एक और लेटर जारी किया गया। जिसमें साफतौर पर लिखा गया, ‘परियोजना की मंजूरी 36 महीने ही होगी और इसमें मानसून का समय भी शामिल होगा।’ PWD में मौजूद सूत्रों ने लागत-अनुकूलन उपायों को प्रभावित करते हुए और अनुबंध समझौते पर हस्ताक्षर करने में देरी के दौरान किए गए डिजाइन परिवर्तनों में विस्तारित समयसीमा को जिम्मेदार ठहराया।

यहां बता दें कि चार अक्टूबर को इंडियन एक्सप्रेस ने बताया था कि प्रोजेक्ट के नए डिजाइन को प्रोजेक्ट टेक्निकल कमेटी की तरफ से मंजूरी नहीं मिली। यह कमेटी PWD के मुख्य सचिव के नेतृ्त्व में काम करती हैं। फरवरी में प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट ने घुड़सवार मूर्ति और कुर्सी के डिजाइन में बदलावों की एक श्रृंखला बनाई। ताकि कुल लागत को कम किया जा सके। इसके साथ दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति बनाने की कल्पना की गई।

हालांकि दस्तावेजों से पता चलता है कि मुंबई क्षेत्र के चीफ इंजीनीयर ने 23 अगस्त को मूर्ति निर्माण के लिए 3,533.46 करोड़ का प्रस्ताव भेजा जोकि पूर्व में हुए अनुबंध समझौते से 643 करोड़ ज्यादा है। ये प्रशासनिक मंजूरी के लिए यह प्रस्ताव PWD सचिव को भेजा गया। जून में PWD ने मेमोरियल बनाने वाली कंपनी संग 2,581 करोड़ का समझौता किया। हालांकि इसके साथ 309 करोड़ रुपए जीएसटी के लिए अतिरिक्त देने पर मंजूरी भी दी गई।

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