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र‍िपब्‍ल‍िक पर ड‍िबेट: एक पैनल‍िस्‍ट ने दूसरे को जोर से डांटा तो और जोर से च‍िल्‍लाए अर्नब गोस्‍वामी

शनिवार को छत्तीसगढ़ में सुरक्षाकर्मियों ने सुकमा-बिजापुर बॉर्डर के पास नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाया था। इसी दौरान नक्सलियों ने अचानक जवानों पर हमला कर दिया था, जिसमें 22 जवान शहीद और 31 जवान गंभीर रूप से घायल हो गये थे।

Patriotic, National Anthemअर्नब गोस्वामी। (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस फाइल)

छत्तीसगढ़ के नक्सली हमले में 22 जवानों के शहीद होने को लेकर टीवी चैनलों पर एंकर और पैनलिस्ट के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर बढ़ता जा रहा है। एंकर आरोप लगा रहे हैं कि कुछ लोग नक्सलियों का समर्थन करते हैं तो दूसरी तरफ पैनलिस्ट का कहना है कि नक्सली भी भारतीय हैं।

टीवी चैनल रिपब्लिक भारत पर एक पैनलिस्ट सीपीएम नेता सुनीत चोपड़ा इस मुद्दे पर बार-बार अपनी बात बोले जा रहे थे और एंकर को कुछ भी कहने से रोक रहे थे। इस दौरान जब एंकर एंकर अर्नब गोस्वामी के साथ डिबेट में मेजर गौरव आर्या ने कुछ कहने की कोशिश की तो सीपीएम नेता सुनीत चोपड़ा ने उन्हें जोर से डांट दी। इस पर एंकर अर्नब गोस्वामी ने पैनलिस्ट सुनीत चोपड़ा पर जोर से चिल्ला उठे। चुप रहो, कहा बहुत हो गया।

गौरव आर्या ने कहा, “नक्सलियों का समर्थन करने वाले, उनको बढ़ावा देने वाले यही लोग हैं। ये लोग जहरीले सांप हैं। वहां पर 400 करोड़ रुपए के तेंदूपत्ता की तस्करी कर नक्सलियों की मदद करते हैं। ये लोग वे हैं, जो नक्सलियों को आगे बढ़ाते हैं।” इस पर सीपीएम नेता सुनीत चोपड़ा ने कहा कि वे भारतीय लोग हैं। मेजर गौरव आर्या ने कहा, “मेरे पास सबूत है। ये लोग उनकी मदद करते हैं। उनको बढ़ावा देते हैं। ये अपराधी हैं। इनका चेहरा देखिए। ये उनका बढ़ावा देते हैं। ये लोग कुत्ते की मौत मारे जाएंगे।” सुनीत चोपड़ा ने उनका विरोध करते हुए बोले, “तुम लोग मारे जाओगे”

गौरतलब है कि शनिवार को छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में 22 जवान शहीद हो गये और 31 जवान गंभीर रूप से घायल हो गये थे। सुरक्षाकर्मियों ने सुकमा-बिजापुर बॉर्डर के पास नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाया था। इसी दौरान नक्सलियों ने अचानक हमारे जवानों पर हमला कर दिया और इस हमले में कई जवान शहीद हो गये। इस हमले के बाद ऐसा अंदेशा जताया जा रहा है कि वांछित नक्सली हिंडमा उर्फ हिंडमाना छत्तीसगढ़ के जंगलों में ही छिपा हुआ है और इस हमले में उसका ही हाथ है। यह भी कहा जा रहा है कि जिस इलाके में सुरक्षाबल के जवानों ने ऑपरेशन चलाया था वहां हथियारबंद नक्सलियों का एक ग्रुप पहले से मौजूद था और इन नक्सलियों ने अचानक सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।

हिंडमा के बारे में यह आशंका जताई जा रही है कि वो सुकमा जिले के पुआरती गांव का रहने वाला है। कहा जा रहा है कि 90 के दशक के दौरान हिंडमा ने नक्सली संगठन ज्वायन किया था। यह भी कहा जा रहा है कि हिंडमा People’s Liberation Guerrilla army’s (PLGa) बटालियन का चीफ है। इस ग्रुप में 180-250 नक्सली मौजूद हैं। इसमें महिला नक्सली भी शामिल हैं। आरोप लग रहे हैं कि हिंडमा और उसके ग्रुप के सदस्यों ने ही सुरक्षा बल के जवानों पर हमला किया है।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हर साल जनवरी से जून महीने के बीच नक्सली अपना Tactical Counter-Offensive Campaign (TCOC) चलाते हैं। इस कैंपेन के तहत नक्सली सुरक्षा बलों पर जानलेवा प्रहार करते हैं। बताया जाता है कि यह वक्त नक्सलियों ने इसलिए चुना है क्योंकि इस दौरान घने जंगलों में पेड़ों के पत्तों से छिपने में इन्हें काफी सुविधा मिलती है।

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