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‘वापस दिलाओ मेरी बिल्लियां’, महिला ने लगाई बॉम्बे हाई कोर्ट से गुहार

संगीता ने आरोप लगाया कि कुछ लोग पुलिस वालों के साथ 11 सितंबर, 2017 को आधीरात के समय उनके एक फ्लैट में घुस गए थे। 42 वर्षीय संगीता कपूर ने अपनी याचिका में दावा किया कि उन्हें और उनके परिवार को पुलिस और एनिमल वेल्फेयर अधिकारी होने का दावा करने वाले लोगों ने बहुत प्रताड़ित किया था।

इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

पुणे की रहने वाली एक महिला ने बॉम्बे हाई कोर्ट से मदद की गुहार लगाई है कि चार महीने पहले उसके घर से 56 बिल्लियों जब्त कर अपने साथ ले जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उनकी सारी बिल्लियों को उन्हें वापस सौंपा जाए। जस्टिस भूषण गवाई और जस्टिस बर्गेस कोलाबावा की एक बेंच के सामने पिछले हफ्ते इस मामले का उल्लेख किया गया था, जिसके बाद बेंच ने मामले की सुनवाई 18 जनवरी को करने के लिए कहा। 42 वर्षीय संगीता कपूर ने अपनी याचिका में दावा किया कि उन्हें और उनके परिवार को पुलिस और एनिमल वेल्फेयर अधिकारी होने का दावा करने वाले लोगों ने बहुत प्रताड़ित किया था।

पेशे से फेशन डिज़ाइनर संगीता ने कहा “वह कोंधवा रोड स्थित अपार्टमेंट्स में अपनी 73 वर्षीय मां और बहन के साथ रहती हैं। उनकी मां दृष्टिहीन हैं। उन्होंने दो अपार्टमेंट ले रखे हैं जिनमें से एक वे और उनका परिवार रहता है जबकि दूसरे में उनकी करीब 56 बिल्लियां रहती हैं।” संगीता ने आरोप लगाया कि कुछ लोग पुलिस वालों के साथ 11 सितंबर, 2017 को आधीरात के समय उनके एक फ्लैट में घुस गए थे। वे लोग उनकी सारी बिल्लियों को जब्त कर एनिमल शेल्टर ले गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके घर का सामान तोड़ दिया गया और सोना और कैश चुरा लिया गया। पुलिस ने कपूर के खिलाफ इंफेक्शन डिज़ीज फैलाने और जानवरों की देखभाल को नजरअंदाज करने के आरोप में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

इस मामले में एक एनिमल एक्टिविस्ट ने आरोप लगाया कि संगीता जानवरों के साथ बुरा व्यवहार करती थीं और उन्हें कुछ खाने-पीने के लिए भी नहीं देतीं। वहीं इस मामले पर संगीता के वकील हर्षद गरुड़ ने कहा “बिल्लियों को जब्त करने वाली कोई भी रिपोर्ट कोर्ट में पेश नहीं की गई है। पीसीए एक्ट के अनुसार इस प्रकार की जब्ती के लिए पहले कोर्ट से इजाजत लेना जरूरी होता है। इतना ही नहीं इस केस में पंचनामा भी दाखिल नहीं किया गया।” इस याचिका के द्वारा कोर्ट से गुहार लगाई गई है कि वे जानवरों की इस जब्ती के मामले को गैरकानूनी घोषित करें। इसके साथ ही इसमें यह भी कहा गया है कि एनिमल वेल्फेयर बोर्ड ऑफ इंडिया को निर्देश दिए जाएं कि उन लोगों के आईडी कार्ड को सस्पेंड किया जाए, जिन्होंने यह कार्रवाई की थी।

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