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वो जन्म से नहीं थे मुस्लिम, समीर वानखेड़े को क्लीन चिट देकर बोली कास्ट स्क्रूटनी कमेटी, जानिए क्या है रिपोर्ट

नवाब मलिक ने आरोप लगाया था कि समीर वानखेडे जन्म से मुस्लिम है जबकि उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में फायदा लेने के लिए फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाया था।

वो जन्म से नहीं थे मुस्लिम, समीर वानखेड़े को क्लीन चिट देकर बोली कास्ट स्क्रूटनी कमेटी, जानिए क्या है रिपोर्ट
समीर वानखेड़े को क्लीन चिट (फोटो सोर्स: @Ani)

आर्यन खान ड्रग मामले में एनसीपी के पूर्व जनरल डायरेक्टर समीर वानखेड़े के खिलाफ एनसीपी नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री रहे नवाब मलिक ने बड़ा आरोप लगाया था। नवाब मलिक ने आरोप लगाया था कि समीर वानखेडे जन्म से मुस्लिम है जबकि उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में फायदा लेने के लिए फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाया था। वहीं इस मामले पर अब जांच समिति की रिपोर्ट आ गई है और इसमें समीर वानखेड़े को बड़ी राहत मिली है जबकि नवाब मलिक को झटका लगा है।

जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि समीर वानखेडे जन्म से मुसलमान नहीं थे और यह भी नहीं साबित होता है कि समीर वानखेडे और उनके पिता ने इस्लाम धर्म अपनाया था। जांच समिति ने कहा कि यह साबित हो गया है कि समीर वानखेड़े महार-37 अनुसूचित जाति से संबंध रखते हैं।

वहीं जांच समिति की रिपोर्ट पर समीर वानखेड़े ने ट्वीट कर सत्यमेव जयते कहा। जबकि समीर वानखेड़े की पत्नी क्रांति रेडकर वानखेड़े ने ट्वीट करते हुए कहा, “ठीक वही बात जो मैं करीब 11 महीने पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में बता रही थी। सच्चाई सामने आने में लगभग एक साल लग गया। हमें भारतीय न्यायपालिका और कास्ट स्क्रूटनी कमेटी पर पूरा भरोसा है।”

जांच समिति की अध्यक्षता अनीता मेश्राम ने की थी और सलीमा तडवी सदस्य थीं जबकि सुनीता मेट सदस्य सचिव थीं। समीर वानखेड़े के खिलाफ पेश हुए वकील नितिन सतपुते ने आदेश पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा, “समीर वानखेड़े की जाति को मेरे द्वारा पहले ही हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। हमें इस जांच समिति से कोई ज्यादा उम्मीद नहीं थी। लेकिन उच्च न्यायालय पर हमें पूर्ण विश्वास है।”

हाईकोर्ट में याचिका दायर कर समीर वानखेड़े ने दावा किया था कि नोटिस ‘अवैध’, मनमाना और उन्हें अपना बचाव करने का अवसर दिए बिना जारी किया गया। उन्होंने कहा था कि वह महार जाति से ताल्लुक रखते हैं, जिसे अनुसूचित जाति (SC) के रूप में मान्यता प्राप्त है। उन्होंने कहा था कि जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करते समय न तो उन्होंने कोई झूठी जानकारी दी और न ही कोई गलत दस्तावेज दिया था। उन्होंने दावा किया था कि भले ही उनकी मां धर्म से मुस्लिम थीं, उन्होंने जन्म से ही हिंदू धर्म को माना और हिंदू प्रथाओं और रीति-रिवाजों का पालन किया था।

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