NCP Chief Sharad Pawar agree to lead Opposition Alliance, calls Regional parties to defeat Narendra Modi in 2019 Lok Sabha Poll - शरद पवार विपक्षी एकता का सूत्रधार बनने को तैयार, बोले- आओ मिलकर पलटें मोदी सरकार - Jansatta
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शरद पवार विपक्षी एकता का सूत्रधार बनने को तैयार, बोले- आओ मिलकर पलटें मोदी सरकार

उन्होंने कहा कि देश में 1977 जैसी स्थिति है जब विपक्षी दलों के गठबंधन ने इंदिरा गांधी को सत्ता से बेदखल कर दिया था।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 27 मार्च को संसद भवन में एनसीपी चीफ शरद पवार से मुलाकात की। साथ में हैं एनसीपी नेता तारिक अनवर, प्रफुल्ल पटेल, और टीएमसी नेता दिनेश त्रिवेदी (फोटो-पीटीआई)

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार केंद्र के नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ विपक्षी एकजुटता का सूत्रधार बनने को तैयार हैं। उन्होंने पूरे विपक्ष को भगवा दल के खिलाफ एक मंच पर आने का आह्वान करते हुए कहा है कि देश में आज 1977 जैसे हालात हैं। उन्होंने कहा कि देश में 1977 जैसी स्थिति है जब विपक्षी दलों के गठबंधन ने इंदिरा गांधी को सत्ता से बेदखल कर दिया था। सोमवार (4 जून) को उन्होंने कहा कि हालिया उप चुनावों में भाजपा का खराब प्रदर्शन कोई छोटी चीज नहीं है। एनसीपी प्रमुख ने कहा, “ज्यादातर उप चुनाव परिणाम सत्तारूढ़ पार्टी (भाजपा) के खिलाफ गए हैं। यह कोई छोटी चीज नहीं है।” उन्होंने यह बात भंडारा-गोंदिया से अपनी पार्टी के नवनिर्वाचित सांसद मधुकर कुकडे से मुलाकात के बाद कही।

पवार ने संवाददाताओं से कहा, “पूर्व में ऐसे अवसर रहे हैं जब उपचुनावों में मिली हार का नतीजा उस समय की मौजूदा सरकार की हार के रूप में निकला।” उन्होंने 1977 को भी याद किया जब विपक्षी एकता का परिणाम इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार की हार के रूप में निकला था और कहा कि उसी तरह की स्थितियां अब बन रही हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, “लोकतंत्र में विश्वास करने वाले और साझा न्यूनतम कार्यक्रम रखने वाले भाजपा विरोधी दलों को लोगों की आकांक्षाओं को ध्यान में रखना चाहिए और एक मंच पर आगे आना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि राज्यों में मजबूत मौजूदगी रखने वाले दलों (जैसे कि केरल में वाम, कर्नाटक में जेडीएस, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और महाराष्ट्र में कांग्रेस, आंध्र प्रदेश में तेदेपा, तेलंगाना में टीआरएस, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और महाराष्ट्र में राकांपा) को एक आम सहमति बनाने की आवश्यकता है। पिछले हफ्ते विपक्षी दल लोकसभा और विधानसभा उपचुनावों में 14 सीटों में से 11 पर विजयी बनकर उभरे थे और सत्तारूढ़ पार्टी तथा इसके सहयोगी तीन सीटों तक सिमटकर रह गए थे। महाराष्ट्र के कद्दावर नेता ने कहा कि अगले साल लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा के खिलाफ समान विचारधारा वाले दलों को एकजुट करने में उन्हें खुशी होगी। किसी भी कीमत पर किसी भी माध्यम से उपचुनाव जीतने के बारे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की टिप्पणी के संबंध में पूछे जाने पर पवार ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों को लागू किया गया।

राज्यसभा के 77 वर्षीय सदस्य ने कहा, “मैंने बहुत से चुनाव देखे हैं लेकिन सत्ता का ऐसा दुरुपयोग कहीं नहीं देखा। जिला प्रशासन (महाराष्ट्र में भंडारा-गोंदिया उपचुनाव के संदर्भ में) शनिवार और रविवार को बैंक खुले रखने का आदेश देता है जिससे कि लाभार्थियों को मतदान की पूर्व संध्या पर उनके खातों में धन मिल सके।” उल्लेखनीय है कि गोंदिया के जिला कलेक्टर अभिमन्यु काले को लोकसभा उपचुनाव में बड़े पैमाने पर ईवीएम में खराबी की शिकायतें मिलने के बाद स्थानांतरित कर दिया गया था। काले भंडारा- गोंदिया लोकसभा उपचुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी थे जहां 40 से अधिक मतदान केंद्रों से ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायतें मिली थीं।

पवार ने कहा, “निर्वाचन आयोग ने कहा कि संबंधित जिला कलेक्टर आठ से दस साल तक कहीं भी चुनाव ड्यूटी पर नहीं रहेंगे। राज्य एवं केंद्र सरकारों को ऐसे अधिकारियों को सेवा में नहीं रखना चाहिए और ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।” किसानों की हड़ताल के मुद्दे पर एनसीपी प्रमुख ने कहा कि समाज के सभी तबकों को किसानों का समर्थन करना चाहिए जो सरकार की उदासीनता के चलते प्रदर्शन करने को मजबूर हुए हैं। उन्होंने कहा “यह कोई राजनीतिक आंदोलन नहीं है। मैं आंदोलित किसानों से अपील करता हूं कि वे दूध को सड़कों पर न फेंकें। वे अपनी उगाई फसलों को नष्ट न करें बल्कि इसकी जगह वे इसे गरीबों में वितरित कर दें।”

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