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शिवसेना का मोदी पर कटाक्ष, कहा- बाल ठाकरे कभी ’56 इंच के सीने’ की बात नहीं करते थे

शिवसेना ने कहा, ‘दिवंगत शिवसेना सुप्रीमो ने अपने सीने का आकार कभी नहीं बताया लेकिन उनके नाम से ही पाकिस्तान और दुश्मन देश कांपते थे।'

Author मुंबई/नई दिल्ली | Updated: January 23, 2017 8:09 PM
Shiv sena Congress, Shiv sena Congress News, Shiv sena latest news, Shiv sena narendra Modi, narendra Modi News, narendra Modi latest newsशिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे। (फाइल फोटो)

शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे की जयंती पर सोमवार (23 जनवरी) को उनकी पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि दिवंगत नेता ने कभी ‘56 इंच का सीना’ होने की जैसी बात नहीं करते थे, लेकिन देश के दुश्मन उनके नाम से ही डरते थे। शिवसेना ने यह भी कहा कि 2002 के गुजरात दंगों के बाद जब भाजपा मोदी को गुजरात के मुख्यमंत्री पद से हटाने पर विचार कर रही थी, उस वक्त ठाकरे ने मोदी का साथ दिया था। पार्टी ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की जब मुंबई के नगर निकाय चुनावों में भाजपा के साथ उसके गठबंधन की संभावनाएं धूमिल पड़ गई हैं। यह टिप्पणी दिवंगत नेता की 91वीं जयंती के दिन की गई। मोदी ने ठाकरे को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वह साहस के पर्याय थे और वे अनेक लोगों की आकांक्षाओं की आवाज बनकर उभरे थे।

मोदी ने ट्वीट किया, ‘बालासाहेब साहस के पर्याय थे और अनेक लोगों की आकांक्षाओं की आवाज बनकर उभरे। उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि।’ ठाकरे का जन्म पुणे में 23 जनवरी 1926 को हुआ था और उनका निधन 17 नवंबर 2012 को हुआ था। शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के एक संपादकीय में कहा गया कि 2002 के दंगों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी मोदी को गुजरात के मुख्यमंत्री पद से हटाने वाले थे, लेकिन बालासाहेब ठाकरे ने उस वक्त उनका पूरा साथ दिया था। संपादकीय के मुताबिक, ‘उस वक्त मोदी का समर्थन करना बालासाहेब के लिए बड़े साहस की बात थी।’

संपादकीय के मुताबिक, ‘शिवसेना के दिवंगत सुप्रीमो ने अपने सीने की चौड़ाई के बारे में कभी नहीं बताया लेकिन पाकिस्तान और देश के दुश्मन उनके नाम का जिक्र आते ही सहम जाते थे। वह ऐसी अदृश्य ताकत थे जो चरमपंथी ताकतों को किनारे ही रखते थे।’ साल 2014 के लोकसभा चुनाव के प्रचार अभियान के दौरान मोदी ने उत्तर प्रदेश की एक रैली में दावा किया था कि ‘56 इंच का सीना’ ही देश की समस्याएं सुलझा सकता है। शिवसेना ने यह भी कहा कि देश ‘दयनीय हालत’ में है, सरकार ने लोगों की समस्याओं के बारे में बोलना तक छोड़ दिया है और सिर्फ घोषणाएं करती रहती है। गौरतलब है कि शिवसेना केंद्र और महाराष्ट्र की भाजपा की अगुवाई वाली सरकार में साझेदार है।

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