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बीएमसी चुनाव: भाजपा संग गठबंधन के पक्ष में नहीं है शिवसेना, मेयर-डिप्टी मेयर पदों के लिए उम्मीदवारों का ऐलान

बीएमसी में अभी शिवसेना के पास 84 सीटें हैं और उसे चार निर्दलीयों का समर्थन है।

Author मुंबई | March 4, 2017 6:26 PM
Shiv Sena BMC, Shiv Sena BMC Mayor, BMC Deputy Mayor, Shiv Sena BJP Allianceशिवसेना ने घोषणा की है कि वो आगामी बीएमसी चुनावों में बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं करेगी और अकेले चुनाव लड़ेगी। (File Photo)

शिवसेना ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) में मेयर और डिप्टी-मेयर के पदों के लिए शनिवार (4 मार्च) को अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। बीएमसी चुनावों के नतीजों में किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। आठ मार्च को होने वाले मेयर और डिप्टी मेयर पदों के चुनाव के लिए शिवसेना की ओर से उम्मीदवारों की घोषणा इस बात का संकेत है कि पार्टी भाजपा के साथ चुनाव बाद गठबंधन के पक्ष में नहीं है। शिवसेना के वरिष्ठ नेता अनिल परब ने बताया कि विश्वनाथ महादेश्वर मेयर पद के लिए और हरेश्वर वर्लीकर डिप्टी-मेयर पद के लिए शिवसेना के उम्मीदवार होंगे।

बीएमसी चुनावों में 84 सीटें जीतकर शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी जबकि भाजपा 82 सीटें जीतकर दूसरे पायदान पर रही। हालांकि, 227 सदस्यों वाली बीएमसी की सत्ता में आने के लिए जरूरी 114 सीटें किसी पार्टी को नहीं मिल सकी। बहरहाल, सबसे ज्यादा पार्षदों वाली पार्टी दोनों पदों के लिए अपने उम्मीदवारों को निर्वाचित करा सकती है, बशर्ते अन्य पार्टियां एकजुट होकर अपने संयुक्त उम्मीदवार नहीं उतारें। स्थानीय संगठन अखिल भारतीय सेना की उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल करने वाली गीता गवली की ओर से भाजपा को समर्थन दिए जाने का ऐलान किए जाने के बाद पार्टी का संख्याबल 83 हो गया है ।

बीएमसी में अभी शिवसेना के पास 84 सीटें हैं और उसे चार निर्दलीयों का समर्थन है। भाजपा को 82 सीटें मिली हैं जबकि अखिल भारतीय सेना के एक पार्षद ने उसे समर्थन देने का ऐलान किया है। कांग्रेस के पास 31, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के पास नौ, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के पास सात, समाजवादी पार्टी (सपा) के पास छह, एआईएमआईएम के पास दो, एबीएस की एक और एक निर्दलीय की सीटें हैं।

शिवसेना-भाजपा में मुंबई के महापौर पद के लिए होड़, बीएमसी चुनाव में किसी को नहीं मिला बहुमत

बीएमसी चुनावों में खंडित जनादेश मिलने के बाद सबकी निगाहें अब शिवसेना और भाजपा पर हैं जिनके नेताओं ने अभी तक अगले कदम की घोषणा नहीं की है। 227 सदस्यीय निगम में दोनों दलों को 80 से अधिक सीटें मिली हैं। परिणाम उम्मीदों से मुताबिक नहीं होने के बावजूद शिवसेना ने मुखरता दिखाते हुए संकेत दिया है कि देश के सबसे समृद्ध नगर निकाय में महापौर पद नहीं मिलने पर वह कोई गठबंधन नहीं करेगा। भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बहरहाल कहा कि दोनों दलों के पास साथ आने के अलावा ‘कोई विकल्प नहीं’ है। गडकरी ने एक मराठी चैनल से कहा, ‘स्थिति अब यह है कि दोनों दलों के पास साथ आने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को करना है।’

बीएमसी और राज्य के अन्य नगर निकायों में भाजपा की शानदार जीत के प्रणेता फडणवीस ने गुरुवार (23 फरवरी) को कहा था कि उनकी पार्टी की ‘कोर समिति’ और राज्य इकाई के प्रमुख अगले कदम पर निर्णय करेंगे। इस बीच शिवसेना में शुक्रवार (25 फरवरी) को दो निर्दलीय पार्षद शामिल हुए जिससे बीएमसी में इसकी कुल संख्या 86 हो गई है लेकिन 114 का आंकड़ा हासिल करने से यह काफी पीछे है। पार्षदों को शिवसेना में शामिल करने के बाद पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने संवाददाताओं से कहा कि बृहन्मुंबई नगर निगम में सत्ता में आने के लिए उन्होंने किसी भी दल के साथ गठबंधन के बारे में अभी नहीं सोचा है लेकिन साथ ही कहा कि महापौर का पद शिवसेना के पास ही होगा।

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