Mumbai RTI activist shot dead, police detains former corporator - Jansatta
ताज़ा खबर
 

मुंबई: 60 साल के RTI कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या, हिरासत में कांग्रेस के पूर्व पार्षद

आरटीआई कार्यकर्ता भूपेंद्र वीरा की शनिवार शाम को उनके घर के बाहर से गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक अवैध कब्जे को लेकर वीरा एक पूर्व कॉर्पोरेटर समेत कई लोगों के निशाने पर थे।

वारदात के वक्त किचन में भूपेंद्र वीरा की पत्नी। (Source: Express Photo by Ganesh Shirsekar)

आरटीआई कार्यकर्ता भूपेंद्र वीरा की शनिवार शाम को उनके घर के बाहर से गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक अवैध कब्जे को लेकर वीरा एक पूर्व कॉर्पोरेटर समेत कई लोगों के निशाने पर थे। पुलिस ने इस मामले में सोमवार सुबह कॉर्पोरेटर समेत एक अन्य को हिरासत में लिया। पुलिस इस मामले में पूर्व कॉर्पोरेटर के खिलाफ जांच कर रही है, जिसकी चार प्रॉपर्टी को आरटीआई कार्यकर्ता वीरा की शिकायत के बाद गिराने के आदेश दिए गए थे। पुलिस के मुताबिक 60 वर्षीय भूपेंद्र वीरा की शनिवार रात को 9 बजे उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह अपने घर में टीवी देख रहे थे। हमलावर ने घर के बाहर से वीरा को गोली मारी।

जोनल डिप्टी पुलिस कमिश्नर वीरेंद्र मिश्रा ने बतया कि हत्या के वक्त वीरा की पत्नी किचन में थी और उन्होंने गोली चलने की आवाज नहीं सुनी थी। उन्हें घटना के बारे में तब पता चला जब पड़ोसी उधर से गुजर रहे पड़ोसी ने उन्हें बताया कि उनके बेडरूम में खून पड़ा है। जब उन्होंने जाकर देखा तो उनके पति खून से लथपथ पड़े हुए थे। वाकोला पुलिस थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया।

वीडियो: अमुराग कश्यप ने PM मोदी की लाहौर यात्रा पर उठाया सवाल

अधिकारियों के मुताबिक प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वीरा ने कुछ अवैध कब्जों के खिलाफ याचिका दायर की थी, इसमें कांग्रेस के पूर्व कॉर्पोरेटर रजा खान का भी शामिल है, जो कि खुद अस्पताल में भर्ती है। हम उसके डिस्चार्ज होने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि हम यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या किसी और शख्स के पास भी उनकी हत्या का मोटिव था। लेकिन अस्पताल के अधीक्षक ने खान ने भर्ती होने से इनकार किया है। इंडियन एक्सप्रेस ने इस संबंध में जानकारी के लिए खान को फोन तो उनका फोन बंद आ रहा था। पुलिस इस मामले में 6 अन्य लोगों से भी पूछताछ कर रही है।

READ ALSO: सांप्रदायिक तनाव, हिंदुओं के मोहल्ले से मुसलमान और मुस्लिम इलाकों से पलायन कर रहे हैं हिंदू

एक राजनेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कांग्रेस पार्टी के सदस्य खान 1985 से 1992 के दौरान पार्षद रहे हैं। खान और वीरा के बीच 5-6 साल विवाद चला आ रहा है। माना जा रहा है कि वीरा की एक दुकान पर खान ने कब्जा कर लिया था। जिसके बाद उन्होंने खान के अवैध निर्माणों को लेकर शिकायत की थी। जिस पर खान के ऑफिस समेत कुछ अवैध निर्माण को गिराने के आदेश दिए गए थे।

READ ALSO: अरविंद केजरीवाल ने शुरू किया प्रचार, बोले- अमित शाह जनरल डायर जैसे, हार्दिक पटेल देशभक्‍त

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App