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फर्जीवाड़े में कंपनी की एमडी गिरफ्तार, पूछताछ में नोटबंदी और जीएसटी को बताया जिम्मेदार

मुंबई और ठाणे इलाके के 150 से ज्यादा लोगों ने शेख की पुलिस से शिकायत की। जानकारी सामने आई है कि देश भर के कई पुलिस स्टेशनों में शेख के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए गए हैं।

Author November 8, 2018 12:31 PM
नौहेरा शेख पर मुंबई और आसपास के इलाके के 150 लोगों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है। उन्होंने जांचकर्ताओं को बताया है कि उन्हें नोटबंदी और गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (GST) के लागू किए जाने की वजह से तगड़ा आर्थिक नुकसान हुआ।

मोहम्मद थावर

हीरा ग्रुप की मैनेजिंग डायरेक्टर 44 साल की नौहेरा शेख को गिरफ्तार किया गया है। उन पर मुंबई और आसपास के इलाके के 150 लोगों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है। उन्होंने जांचकर्ताओं को बताया है कि उन्हें नोटबंदी और गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (GST) के लागू किए जाने की वजह से तगड़ा आर्थिक नुकसान हुआ। नौहेरा के मुताबिक, इसी वजह से वे लोगों को उनके निवेश पर लाभांश देने में नाकाम रहीं। नवंबर 2016 में लागू नोटबंदी और उसके बाद जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने के असर को कारण बताते हुए शेख ने कहा कि 2018 की शुरुआत से ही वह निवेशकों को मासिक तौर पर लाभांश देने में नाकाम रहीं, जिसके बाद निवेशकों ने पुलिस से संपर्क किया।

बता दें कि मुंबई और ठाणे इलाके के 150 से ज्यादा लोगों ने शेख की पुलिस से शिकायत की। जानकारी सामने आई है कि देश भर के कई पुलिस स्टेशनों में शेख के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए गए हैं। मामले से संबंधित एक अधिकारी के मुताबिक, शेख ने जांच के दौरान बताया कि वह करीब एक दशक से निवेशकों को लाभांश का भुगतान कर रही है, लेकिन 2017 की शुरुआत से पेमेंट के मोर्चे पर वह कमजोर पड़ने लगी। अधिकारी के मुताबिक, ‘मई 2017 में उसने निवेशकों को सर्कुलर जारी करके कहा कि अब वह हर तिमाही लाभांश का भुगतान करेगी। ऐसा उसने कुछ महीने तक किया भी। हालांकि, इस साल की शुरुआत से तिमाही भुगतान भी रुक गया।’

अधिकारी के मुताबिक, पूछताछ के दौरान शेख ने पूरे आत्मविश्वास के साथ जवाब दिए और कहा कि अगर जांच करने वालों को भरोसा न हो तो वे उनके पुराने बैंक स्टेटमेंट देख सकते हैं। अधिकारी के मुताबिक, ‘शेख के मुंबई के एजेंट सलीम अंसारी के नाम भी एफआईआर दर्ज की गई है। करीब 20 हजार लोगों ने उसके जरिए पैसे लगाए। अंसारी के अलावा शहर में बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो शेख के लिए काम कर रहे थे। ऐसे में निवेशकों की संख्या बहुत ज्यादा हो सकती है।’ अफसर ने बताया कि शेख ने मुस्लिम समुदाय के निवेशकों पर फोकस किया। उन्हें इस्लाम की ओर से मान्य ‘ब्याज मुक्त हलाल निवेश’ का वादा किया।

शेख को पिछले महीने 26 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। वह इस वक्त मामले की जांच कर रही इकोनॉमिक ऑफेंसेज विंग की कस्टडी में हैं। उनकी कस्टडी 9 नवंबर को खत्म होगी। अपने पिछले रिमांड एप्लिकेशन में ईओडब्ल्यू ने कहा है कि 2010 के बाद से 15 ऐसी कंपनियां बनाई गईं, जिनमें शेख डायरेक्टर थीं। इन कंपनियों में हीरा गोल्ड, हीरा टेक्स्टाइल और कुछ दूसरी हैं। ये कंपनियां कॉन्स्ट्रक्शन, ग्रोसरीज, टूर ऐंड ट्रैवल के क्षेत्र में भी बनाई गईं। पुलिस के मुताबिक, शेख के 50 से ज्यादा बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है।

शेख तिरुपति के एक फल एक्सपोर्टर की बेटी हैं। उनकी शादी 2007 में हैदराबाद के निवासी सलमान कुरैशी से हुई। दोनों का 2014 में तलाक हो गया। पुलिस का कहना है कि शेख ने दसवीं बोर्ड की परीक्षा पास नहीं की और उनके पास कोलंबो की एक ओपन यूनिवर्सिटी की डिग्री है, जिसे शेख ने कथित तौर पर ऑनलाइन हासिल किया। अधिकारी के मुताबिक, शेख शुरुआत में तिरुपति के मदरसों में पढ़ाती थीं। बाद में दूसरी महिलाओं के साथ मिलकर ट्रस्ट बनाया और 90 के दशक के आखिर में सोना खरीदने और बेचने का बिजनेस शुरू किया। अफसर के मुताबिक, शेख ने इन ट्रस्टों को कंपनी के तौर पर 2010 में रजिस्टर कराया। पुलिस का कहना है कि शेख पर पूर्व में इनकम टैक्स के दो छापे पड़ चुके हैं। उनके पास बीएमडब्ल्यू कार के अलावा हैदराबाद के बंजारा हिल्स इलाके में फ्लैट है।

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