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नोटबंदी के बाद भी शिरडी के साईं बाबा के चढ़ावे में कमी नहीं, नौ दिन में मिला नौ करोड़ 84 लाख दान

साईं को मिले इस दान का उपयोग भक्तों और दीन दुखियों की मदद और इलाज में खर्च किया जाता है। साईं संस्थान दो बड़े अस्पताल चलाता है।

साईबाबा न्यास की आय 2016 में 400 करोड़ रूपए के पार पहुंची

देशभर में नोटबंदी के कारण हर एक का व्यापार-व्यवसाय बिलकुल ठप्प है। लोगों को अपने ही पैसे निकालने के लिये लाईन में लगना पड़ रहा है। तो वहीं दूसरी तरफ शिरडी में साईं के दर्शन करने आये भक्तों नें बाबा कि झोली करोड़ों रूपयों से भर दी है। पिछले नौ दिनों में शिरडी में साईं के दर्शन करने तकरीबन दस लाख भक्त पहुंचे थे उन्होंने कुल मिलाकर 9 करोड़ 84 लाख रूपयों का दान चढ़ाया है। साईं मंदिर ट्रस्टी सचिन ताम्बे की मानें तो पिछले नौ दिनों में कुल मिलाकर 9 करोड़ 84 लाख रुपये का चढ़ावा चढ़ा है। जिसमें डोनेशन बाॅक्स में 5 करोड़ 35 लाख, डोनेशन काउंटर पर 1 करोड़ 45 लाख, मनीऑर्डर और चेक के माध्यम से 67 लाख,ऑनलाईन और डेबिट कार्ड के माध्यम से 34 लाख रूपये और 74 लाख रुपये का सोना और चांदी चढाया गया। तो वहीं वी आई पी दर्शन के माध्यम से 1 करोड़ 23 लाख रुपये साईं बाबा को चढ़ावे के रूप में प्राप्त हुए हैं।

साईं बाबा को प्राप्त दान की गिनती हर दिन की जाती है। साईं मंदिर के सैंकड़ों कर्मचारी बाबा के हुंडीयों में मिले नोट गिनते हैं लेकिन अधिकता के चलते उन्हें नोट गिनने के लिए भक्तों की भी मदद लेनी पड़ती है। बाबा के हुंडियों में चढ़े चढ़ावे को साईं भक्त और मंदिर के कर्मचारी गिनते हैं। नोटों की गड्डियां बनाकर बोरों में भरा जाता है। नोट से भरे बोरों को गाड़ी में डालकर सभी रूपये बैंकों में जमा किये जाते हैं। नववर्ष की शुरूआत में छत्तीसगढ़ के एक साईंभक्त ने बाबा को 35 लाख रुपये की सोने की थाली का चढ़ावा चढ़ाया हैं। जिस थाली में अब साईबाबा की आरती की जायेगी। तो वही शिरडी के एक भक्त ने बाबा की दुआ से उन्हें बच्चा होने के बाद उनके पास जितना सोना था उतने सोने से बाबा की चरणपादुका रखने के लिए सोने से बना स्टेंड साईं दरबार में दान में दिया है। जिसकी कीमत तकरीबन 18 लाख रुपये है।

साईं बाबा के खाते में अब तक भक्तों के चढ़ाये 1600 करोड़ रुपये जमा हैं। तो वहीं 400 किलो सोना और 5000 किलो चांदी तिजोरी में जमा है। साईं बाबा के दर्शन करने हर दिन तकरीबन एक लाख से अधिक साईं भक्त आते हैं। और हर दिन तकरीबन एक करोड़ों का चढ़ावा आता है। जो साईं बाबा की झोली में चढ़ाता है। तो साल भर में कुल मिलाकर 450 करोड़ रुपये बाबा की तिजोरी में जमा होते हैं।

साईं को मिले इस दान का उपयोग भक्तों और दीन दुखियों की मदद और इलाज में खर्च किया जाता है। साईं संस्थान दो बड़े अस्पताल चलाता है। जिसमें देश भर से आये किसी भी जाति धर्म के लोगों और देश भर से आये दीन-दुखियों मरीजों का इलाज किया जाता है। शिरडी आने वाले भक्तों को सिर्फ 10 रूपये मे खाना खिलाया जाता है। जिसे बनाने मे मंदिर ट्रस्ट को 25 रूपये खर्च करने पड़ते हैं। हर दिन इस प्रसादालय में तकरीबन 50 हजार भक्त खाना खाते हैं।साईं मंदिर में कुल मिलाकर 7000 लोग काम करते हैं। जिनकी पगार पर हर साल सौ करोड़ रुपए साईसंस्थान को खर्च करना पड़ता है।

वीडियो: एक मंदिर जहाँ पुलिस वाले होते हैं पुजारी

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