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महाराष्‍ट्र: बीजेपी सरकार ने गौतम अडानी की कंपनी के खिलाफ बिठाई जांच

दो सदस्यीय जांच समिति अडानी इलेक्ट्रिसिटी के साथ-साथ बेस्ट, टाटा पावर, महावितरण जैसी मुंबई और उपनगरों में बिजली सप्लाई करने वाली अन्य कंपनियों द्वारा सितंबर-अक्टूबर में जारी किए गए बिजली बिलों का तुलनात्मक अध्ययन करेगी।

अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ( File Photo)

महानगर के उपनगरीय इलाकों में ग्राहकों से अधिक बिजली बिल वसूलने के मामले में अडानी समूह की कंपनी अडानी इलेक्ट्रिसिटी पर शिकंजा कसता दिख रहा है। अडानी इलेक्ट्रिसिटी द्वारा बिजली उपभोक्ताओं से वसूले गए महंगे बिलों की जांच के लिए महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग (एमईआरसी) ने दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। यह समिति अडानी इलेक्ट्रिसिटी के खिलाफ ग्राहकों की शिकायतों की जांच कर दो से तीन महीने में अपनी जांच रिपोर्ट देगी। मुंबई में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के बिजली वितरण कारोबार के अधिग्रहण के बाद अरबपति गौतम अदानी ने बिजली वितरण में प्रवेश किया, उपभोक्ताओं ने सितंबर के बाद से दो महीने में बिजली बिलों में बढ़ोतरी की शिकायत की, जब कंपनी ने उपभोक्ताओं को बिलिंग शुरू किया। कुछ मामलों में 100% से ज्यादा की वृद्धि हुई। कंपनी ने शिकायतों को गलत प्रचार बताया था। उधर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने मांग की कि MERC द्वारा अडानी इलेक्ट्रिसिटी के बिलों की जांच करने के लिए बनाई गई कमेटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

एमईआरसी ने ग्राहकों की शिकायतों को गंभीरता से लेने की बात कहते हुए पिछले दिनों अडानी इलेक्ट्रिसिटी से 24 घंटे में जवाब देने का नोटिस जारी किया था। एमईआरसी के नोटिस के बाद गुरुवार को अडानी इलेक्ट्रिसिटी ने अपना जवाब दाखिल किया था। कंपनी द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण से संतुष्ट न होने के बाद आगे जांच का फैसला लिया गया है।

दो सदस्यीय जांच समिति अडानी इलेक्ट्रिसिटी के साथ-साथ बेस्ट, टाटा पावर, महावितरण जैसी मुंबई और उपनगरों में बिजली सप्लाई करने वाली अन्य कंपनियों द्वारा सितंबर-अक्टूबर में जारी किए गए बिजली बिलों का तुलनात्मक अध्ययन करेगी। समिति अडानी इलेक्ट्रिसिटी के बिजली बिलों में अचानक हुई बढ़ोतरी के कारणों का पता लगाएगी और भविष्य में ऐसा दोबारा न हो, इसके लिए सुझाव और उपायों की सिफारिश करेगी। जरूरत पड़ी तो 2016-17 से रिलायंस एनर्जी और अडानी इलेक्ट्रिसिटी कंपनी की बैलेंसशीट की जांच भी की जाएगी।

अडानी की सफाई: एमईआरसी सूत्रों के मुताबिक, अडानी इलेक्ट्रिसिटी की तरफ से अपने स्पष्टीकरण में कहा गया कि अक्टूबर महीने में ‘अक्टूबर हीट’ की वजह से लोगों ने बिजली का ज्यादा इस्तेमाल किया, इसलिए बिल ज्यादा आया। पिछले बिजली बिलों का बकाया ईंधन समायोजन भी नए बिलों में वसूला गया है। बिजली सप्लाई का काम रिलायंस एनर्जी से अडानी इलेक्ट्रिसिटी को ट्रांसफर होने के बाद कर्मचारियों की हड़ताल से मीटर रीडिंग का काम नहीं हो पाया। इसीलिए साढ़े तीन लाख ग्राहकों को एवरेज बिल भेजे गए।

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