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महाराष्ट्र में बच्चा गोद लेने के लिए नए नियम की तैयारी

राज्य सरकार के अनुसार बच्चा गोद लेने के मामले में केंद्र के अपने नियम हैं, लेकिन महाराष्ट्र केंद्र के नियमों में फेरबदल कर इस संबंध में अपना नियम तैयार करना चाहता है।

Author मुंबई, | November 28, 2016 3:50 AM
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र सरकार ने बंबई हाई कोर्ट को सूचित किया है कि वह बच्चा गोद लेने की बाबत अपना नियम शुरू करना चाहती है। लेकिन नए नियम को लागू किए जाने तक केंद्र के बनाए मौजूदा मॉडल नियमों का ही राज्य में अनुपालन होगा। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डॉ. मंजुला चेल्लूर की अध्यक्षता वाली एक पीठ के समक्ष राज्य सरकार की ओर से 24 नवंबर को दाखिल एक हलफनामे में इसका जिक्र था। संतोष दिगंबर होंकारपे व अन्य की ओर से दायर याचिका पर पीठ सुनवाई कर रही थी।

राज्य सरकार के अनुसार बच्चा गोद लेने के मामले में केंद्र के अपने नियम हैं, लेकिन महाराष्ट्र केंद्र के नियमों में फेरबदल कर इस संबंध में अपना नियम तैयार करना चाहता है। केंद्र ने इस साल मई में बंबई हाई कोर्ट को बताया था कि वह बच्चा गोद लेने की बाबत नए दिशानिर्देशों को लाने के लिए केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा) के समक्ष राज्यों के लिए भी दो महीनों के अंदर मॉडल नियम तैयार करेगा और यह भी कहा कि इस बीच कारा की ओर से जारी 2015 के दिशा निर्देश जारी रहेंगे। इसके बाद केंद्र ने बच्चा गोद लेने के विषय पर अपना नियम तैयार किया और हाई कोर्ट को सूचित किया जिसने इसके परिणामस्वरूप राज्य सरकार से पूछा था कि क्या उसे यह मंजूर है अथवा वह अपना नियम लाएगी। राज्य सरकार ने अपने हलफनामे में कहा कि अब महाराष्ट्र ने इस संबंध में अपना नियम लाने का फैसला किया है और इस प्रक्रिया पर आगे बढ़ते हुए वह दोनों सदनों में प्रस्ताव पेश करेगी। इससे पहले इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद कारा दिशा निर्देशों के साथ आया था। मामले की सुनवाई के लिए 13 जनवरी, 2017 की तारीख तय की गई है।

 

 

 

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