ताज़ा खबर
 

महाड़ हादसा: नौसेना के गोताखोरों ने दूसरी बस का मलबा खोजा

दो बसें दो अगस्त को ब्रिटिशकाल का एक पुल ढह जाने के बाद उफनती सावित्री में बह गई थी।

Author मुंबई | August 13, 2016 7:50 PM
यह मलबा पुल से 400 मीटर दूर जिस इलाके में मिला। (पीटीआई फोटो)

नौसेना के गोताखोरों ने आज (शनिवार, 13 अगस्त) एमएसआरटीसी की दूसरी बस का पता लगा लिया है, जो बीते दो अगस्त को ब्रिटिशकाल का एक पुल ढह जाने के बाद उफनती सावित्री में बह गई थी। यह घटना रायगढ़ जिले में महाड़ के पास हुई थी। रक्षा प्रवक्ता ने कहा, ‘सावित्री नदी में 10वें दिन खोज अभियान जारी हैं। नौसेना के गोताखोरों ने एक और मलबे का पता लगाया है, जो दूसरी बस (जयगढ़-मुंबई) का हिस्सा माना जा रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘बीते 11 अगस्त को पहली बस के बरामद होने के बाद नदी में नीचे तलाश को जारी रखा गया था। यह मलबा पुल से 400 मीटर दूर जिस इलाके में मिला, वहां लहरें बहुत तेज हैं। यह मलबा लगभग पांच मीटर की गहराई तक पूरा डूबा हुआ है।’

प्रवक्ता कमांडर राहुल सिन्हा ने यहां एक बयान में कहा, ‘ऐसा आकलन है कि मलबे को बरामद किया जा सकता है। एनडीआरएफ के दलों को सूचित किया जा रहा है और मलबे को निकालने के लिए क्रेन भेजने का अनुरोध किया जा रहा है।’ गुरुवार (11 अगस्त) को राजापुर-बोरीवली एमएसआरटीसी बस को दुर्घटनाग्रस्त पुल से लगभग 170-200 मीटर की दूरी पर बरामद किया गया था। नौसेना के गोताखोरों ने तेज लहरों और नदी में मगरमच्छों से जूझते हुए बस का पता लगाया। अब एनडीआरएफ के दलों को इसे बरामद करने के लिए कहा गया है। गोताखोरी में निपुण कर्मियों वाला भारतीय नौसेना का दल चार अगस्त की सुबह से ही मलबे और जीवित बचे लोगों की खोज कर रहा था।

HOT DEALS
  • Honor 7X 64 GB Blue
    ₹ 16010 MRP ₹ 16999 -6%
    ₹0 Cashback
  • Apple iPhone 7 128 GB Jet Black
    ₹ 52190 MRP ₹ 65200 -20%
    ₹1000 Cashback

अब तक 26 शव बरामद किए जा चुके हैं और लगभग 14 लोग अब भी लापता हैं और उनके मारे जाने की आशंका है। यहां से लगभग 170 किलोमीटर की दूरी पर रायगढ़ जिले में महाड़ के पास मुंबई-गोवा राजमार्ग पर पुल टूटने के बाद राज्य परिवहन की दो बसें और कई अन्य वाहन उफनती नदी में गिर गए थे। इस पुल को मुंबई-गोवा राजमार्ग विस्तार परियोजना के तहत बीते दिसंबर को निष्क्रिय किया जाना था। इसी बीच बचाव कार्यों वाले स्थान पर शिविर लगाकर रह रहे चिंतित परिजन यहां से चले गए हैं।

रायगढ़ पुलिस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय पाटिल ने कहा, ‘स्थानीय एमआईडीसी महाड़ पुलिस ने उन 26 लोगों की दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया है, जिनके शव बरामद हो चुके हैं। जिन लोगों के शव बरामद नहीं हो सके हैं, उनकी गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया है।’ पाटिल ने कहा, ‘लापता लोगों के संबंध में हमारे पास दर्ज मामलों में हमारी जांच दो महीने जारी रहेगी और यदि उनके शव नहीं मिलते हैं या बरामद नहीं होते हैं तो दुर्घटनावश हुई मौत की रिपोर्टों के आधार पर, हम इस नतीजे पर पहुंचेंगे कि वे भी इस त्रासद घटना का हिस्सा थे और उन्हें भी मृत माना जाएगा।’ उन्होंने कहा, ‘उनके लिए आवश्यक दस्तावेज जारी किए जाएंगे ताकि राज्य सरकार द्वारा घोषित वित्तीय मुआवजे के लिए दावा पेश करने का रास्ता साफ हो सके।’

एनडीआरएफ के पांचवें बटालियन कमांडेंट अनुपम श्रीवास्तव ने भी कहा कि उनके चार दल काम कर रहे हैं और वे पानी में बहे वाहनों एवं यात्रियों के अवशेष ढूंढने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘उच्च अधिकारियों से जब तक आदेश नहीं मिल जाता, हम तब तक (तलाश) अभियान नहीं रोकेंगे।’ पीडब्ल्यूडी मंत्री चंद्रकांत पति ने कहा था कि यदि लापता लोगों का दो माह में पता नहीं चलता है तो राज्य उन्हें मृत घोषित कर देगा और उनके परिजन को मुआवजा दे दिया जाएगा।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App