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बाप विजयपत सिंहानिया की बदहाली पर बेटे और रेमंड के चेयरमैन गौतम सिंघानिया ने कहा-जो दरख्त झुकते नहीं, वो टूट जाते हैं

'जब तूफान आता है तो नारियल का पेड़ भी हवा के रुख में झुक जाता है, लेकिन यदि आप दूसरे दरख्तों की तरह सख्त हो जाते हैं तो आप गिर जाते हैं और टूट जाते हैं।'
विजयपत सिंघानिया अपने बेटे गौतम हरि सिंघानिया के साथ

हिन्दुस्तान को सालों से शानदार लिबास पहनाने वाले रेमंड सूटिंग्स के मालिक विजयपत सिंघानिया की बदहाली की कहानी अब किसी से छुपी नहीं रह गई है। जायदाद के लिए बाप-बेटे की ये कॉरपोरेट लड़ाई अब अदालत में लड़ी जा रही है। लेकिन इस बीच इस स्टोरी में आरोपों के तीर झेल रहे रेमंड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर गौतम हरि सिंघानिया ने मीडिया से बात की है और इस कानूनी जंग पर अपना पक्ष रखा है। लेकिन अपने पिता से 10 अरब की कंपनी के वारिश बनने वाले गौतम हरि सिंघानिया इस मामले पर खुलकर बात नहीं करते हैं, हां उन्होंने इतना जरूर कहा है कि जो लोग जिंदगी में नहीं बदलते हैं वो गिर जाते हैं और किनारे लग जाते हैं। गौतम हरि सिंघानिया ने ईटी नाउ को दिये एक इंटरव्यू में ये बातें कही। बता दें कि कभी हिन्दुस्तान के रईसों में गिने जाने वाले रेमंड के मालिक रहे विजयपत सिंघानिया आज मुफलिसी की हालत में जी रहे हैं, अपने बेटे को 1000 करोड़ की कंपनी के शेयर ट्रांसफर करने वाले विजयपत सिंघानिया आजकल किराये के मकान में रहते हैं। उन्होंने अपने मुंबई के मालाबार हिल्स में स्थित प्रसिद्ध जेके हाउस की एक डुपलेक्स पर कब्जा पाने के लिए अपने ही बेटे के खिलाफ कानून की लड़ाई लड़ रहे हैं।

रेमंड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर गौतम हरि सिंघानिया ने इंटरव्यू के दौरान अपने घरेलू झगड़े का जिक्र नहीं किया लेकिन उन्होंने इतना जरूर कहा, ‘जब तूफान आता है तो नारियल का पेड़ भी हवा के रुख में झुक जाता है, लेकिन यदि आप दूसरे दरख्तों की तरह सख्त हो जाते हैं तो आप गिर जाते हैं और टूट जाते हैं।’ गौतम सिंघानिया की इस टिप्पणी को अपने पिता को एक संदेश ही माना जा रहा है।

सिंघानिया जूनियर ने अपनी कंपनी की फॉरवर्ड प्लानिंग के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अब लोग रेमंड को नये अवतार में देख रहे हैं और इसे नोटिस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे कंपनी के लिए 20 साल की रणनीति तैयार कर रहे हैं। गौतम हरि सिंघानिया ने कहा कि उन्होंने अपनी कंपनी में जबर्दस्त बदलाव किया है, और कॉरपोरेट गवर्नेंस को जगह दी है, और परिस्थितियां पहले जैसी नहीं रह गई हैं। सिंघानिया ने कहा कि वे अपने शेयर होल्डर को अधिकतम फायदा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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  1. M
    Mahendra Kumar
    Aug 11, 2017 at 3:29 pm
    डिअर सर, विजयपतजि एक अलग किस्म के व्यापारी रहे है . उनका हवाई उड़न का अनुभव किसी सेना के उड़ाके से काम नहीं है . वे एयर फाॅर्स के आनरेरी एयर कॉमोडोर भी है. वायु सेना आगे आएं व् एक वरिष्ठ नागरिक सम्मान की जिंदगी जिए इस हेतु प्रत्यन करें.
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