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कर्ज में डूबे किसान ने लगाई फांसी, सुसाइड नोट में लिखा- जब तक सीएम देवेंद्र फडणवीस न आएं, अंतिम संस्कार मत करना

अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के नाम से लिखे सुसाइड नोट में जाधव ने कहा, "मैं एक किसान हूं, धनाजी चंद्रकांत जाधव। मैं आज सुसाइड कर रहा हूं। मेरे शरीर को गांव में ले जाया जाए और मेरा अंतिम संस्कार तब तक नहीं किया जाए जब तक सीएम यहां ना आएं।"

महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में किसान उग्र हो गए हैं। दोनों राज्यों में किसान आंदोलन हिंसक हो गया। मध्यप्रदेश में पुलिस फायरिंग में छह किसानों की मौत हो गई।

महाराष्ट्र में कर्ज की मार से जूझ रहे किसान आत्महत्या करने को मजूबर है। राज्य के सोलापुर में एक किसान ने बुधवार देर रात पेड़ पर फंदे से लटक कर जान दे दी। मरने से पहले कर्ज से पीड़ित किसान ने एक सुसाइड नोट लिखा। नोट में उसने अपने परिवार को स्पष्ट निर्देश दिए कि जब तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यहां ना आए उसका अंतिम संस्कार नहीं किया जाए। जिले के डीएम राजेंद्र भोसले ने कहा कि सोलापुर के वीत गांव के रहने वाले धनाजी जाधव ने कथित रुप से कल देर रात फांसी लगा ली और अपने पीछे सुसाइड नोट छोड़कर गए। नोट में उन्होंने लिखा- “जब तक मुख्यंमत्री देवेंद्र फडणवीस यहां नहीं आएं और उनकी मांगों को नहीं मानते है तब तक उसका अंतिम संस्कार नहीं किया जाए।”

अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के नाम से लिखे सुसाइड नोट में जाधव ने कहा, “मैं एक किसान हूं, धनाजी चंद्रकांत जाधव। मैं आज सुसाइड कर रहा हूं। मेरे शरीर को गांव में ले जाया जाए और मेरा अंतिम संस्कार तब तक नहीं किया जाए जब तक सीएम यहां ना आएं।” किसानों संगठनों ने इस क्षेत्र में बंद का आह्वान किया है। कानून-व्यवस्था को बरकरार रखने के लिए क्षेत्र में पुलिस तैनात कर दी गई है।

बता दें कि पूरे राज्य में किसान एक हफ्ते से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसे लेकर मुख्यमंत्री सहयोगी पार्टी शिवसेना के साथ-साथ विपक्षी पार्टियों के निशाने पर है। हाल ही में सीएम ने किसानों से 31 अक्टूबर तक कर्ज माफी का वादा किया था, लेकिन वह किसानों को शांत करने में असफल रहें। इस साल के शुरुआत से अब तक 700 से ज्यादा किसानों ने आत्महत्या की है, जिसमें ज्यादातर सूखा प्रभावित विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं। कर्ज माफी के साथ किसानों की सरकार से मांग है कि उन्हें उनकी फसल के लिए ज्यादा दाम दिया जाना सुनिश्चित किया जाए।

कर्ज माफी और फसल की सही कीमत देने की मांग को लेकर मध्य प्रदेश में भी किसान आंदोलन कर रहे हैं। मंगलवार को पुलिस फायरिंग में 5 किसानों की मौत के बाद के प्रदर्शऩ उग्र हो गए। किसानों ने सैकड़ों गाड़ियां फूंक दी। पुलिस थाने में आग लगा दिया।

 

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