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शिवसेना-भाजपा में मुंबई के महापौर पद के लिए होड़, बीएमसी चुनाव में किसी को नहीं मिला बहुमत

शिवसेना में शुक्रवार (25 फरवरी) को दो निर्दलीय पार्षद शामिल हुए जिससे बीएमसी में इसकी कुल संख्या 86 हो गई है लेकिन 114 का आंकड़ा हासिल करने से यह काफी पीछे है।

Author मुम्बई | Updated: February 25, 2017 12:17 AM
Shiv sena vs BJP, Today Saamana Editorial, BJP Congress Edition, Shiv sena BMC Polls, Shiv sena latest newsमहाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फणनवीस और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे।

बीएमसी चुनावों में खंडित जनादेश मिलने के बाद सबकी निगाहें अब शिवसेना और भाजपा पर हैं जिनके नेताओं ने अभी तक अगले कदम की घोषणा नहीं की है। 227 सदस्यीय निगम में दोनों दलों को 80 से अधिक सीटें मिली हैं। परिणाम उम्मीदों से मुताबिक नहीं होने के बावजूद शिवसेना ने मुखरता दिखाते हुए संकेत दिया है कि देश के सबसे समृद्ध नगर निकाय में महापौर पद नहीं मिलने पर वह कोई गठबंधन नहीं करेगा। भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बहरहाल कहा कि दोनों दलों के पास साथ आने के अलावा ‘कोई विकल्प नहीं’ है। गडकरी ने एक मराठी चैनल से कहा, ‘स्थिति अब यह है कि दोनों दलों के पास साथ आने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को करना है।’

बीएमसी और राज्य के अन्य नगर निकायों में भाजपा की शानदार जीत के प्रणेता फडणवीस ने गुरुवार (23 फरवरी) को कहा था कि उनकी पार्टी की ‘कोर समिति’ और राज्य इकाई के प्रमुख अगले कदम पर निर्णय करेंगे। इस बीच शिवसेना में शुक्रवार (25 फरवरी) को दो निर्दलीय पार्षद शामिल हुए जिससे बीएमसी में इसकी कुल संख्या 86 हो गई है लेकिन 114 का आंकड़ा हासिल करने से यह काफी पीछे है। पार्षदों को शिवसेना में शामिल करने के बाद पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने संवाददाताओं से कहा कि बृहन्मुंबई नगर निगम में सत्ता में आने के लिए उन्होंने किसी भी दल के साथ गठबंधन के बारे में अभी नहीं सोचा है लेकिन साथ ही कहा कि महापौर का पद शिवसेना के पास ही होगा।

शिवसेना के सूत्रों के मुताबिक उद्धव वरिष्ठ नेताओं और नव निर्वाचित पार्षदों की शनिवार (25 फरवरी) को बैठक बुलाएंगे जहां आगामी योजना तय की जाएगी। इस बीच दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं ने शेष तीन निर्दलीय पार्षदों का समर्थन मिलने का दावा किया है। भाजपा की कोर समिति की बैठक आगामी दो-तीन दिनों में होने की उम्मीद है जहां पार्टी आगामी रूपरेखा तय करेगी। बीएमसी चुनावों में शिवसेना ने 84 सीटें, भाजपा ने 82 सीटें और कांग्रेस ने 31 सीटों पर जीत दर्ज की जबकि राकांपा और राज ठाकरे की मनसे को क्रमश: नौ और सात सीटें मिलीं। भाजपा के शानदार प्रदर्शन से अविचलित शिवसेना ने अपनी सहयोगी पार्टी पर हमला जारी रखा। अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में पार्टी ने कहा कि भाजपा के साथ उसकी लड़ाई जारी रहेगी, परिणाम चाहे जो हो।

इसने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसने बीएमसी चुनावों और अन्य स्थानीय निकायों में जीत हासिल करने के लिए सरकारी मशीनरी और केंद्रीय नेतृत्व की ताकत का इस्तेमाल किया। इसने आरोप लगाया, ‘शिवसेना पिछले 25 वर्षों से बीएमसी में सत्ता में है। उन्होंने (भाजपा) हमारे शासन को अस्थिर करने के लिए छल कपट किया। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ जब कांग्रेस राज्य में सत्ता में थी।’ शिवसेना ने कहा, ‘हमारी लड़ाई (भाजपा के साथ) जारी रहेगी। जो युद्ध शुरू हुआ है वह न केवल सत्ता के लिए है बल्कि ‘धर्म’, आदर्श और महाराष्ट्र की एकजुटता के लिए है।’ बहरहाल मुंबई भाजपा के अध्यक्ष आशीष शेलार ने कहा कि उनकी पार्टी किसी के साथ ‘‘गुप्त गठबंधन’’ नहीं करेगी। भाजपा की कोर समिति की बैठक से पहले शेलार ने कहा, ‘जो भी होगा (गठबंधन) उसकी चर्चा कोर समिति में होगी।’

 

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