bid of rs 11 Crore to light the funeral pior of jain monk- जैन मुनि के अंतिम संस्कार के लिए लगी 11 करोड़ की बोली - Jansatta
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जैन मुनि के अंतिम संस्कार के लिए लगी 11 करोड़ की बोली

मुंबई में एक जैन मुनि के अंतिम संस्कार के लिए अब तक की सबसे बड़ी बोली लगाई गई।

जैन मुनि प्रेमसुरजीस्वाजी अंतिम संस्कार के दौरान उमड़ा जन सैलाब (Photo credit: Nirmal Harinandan)

जैन मुनि प्रेमसुरजीस्वाजी के निधन के बाद उनकी अंत्येष्ठि के लिए 11 करोड़ की बोली लगाई गयी। जैन समुदाय के पांच लोगों ने मिलकर यह बोली लगाई। जैन मुनि प्रेमसुरजीस्वाजी का रविवार को निधन हो गया था। वह 97 साल के थे। प्रेमसुरजीस्वाजी निमोनिया से पीड़ित थे और बढ़ती उम्र के चलते उन्हें और भी कई शारीरिक समस्याएं थी। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब किसी जैन मुनि की अंत्येष्ठि में भारी भरकम रकम की बोली लगी हो। पर रविवार को बोली की रकम 11 करोड़ तक पहुंच गई। यह अब तक लगाई गयी बोलियों में सबसे ज्यादा रकम है। बोली में दी गई यह रकम कई अन्य धार्मिक कामों भी इस्तेमाल की जाती है। रविवार को प्रेमसुरजीस्वाजी की चिता को आग देने के लिए बोली लगाने का कार्यक्रम शुरु किया गया। इस बोली में एक डॉक्टर, एक बिल्डर और तीन बिजनेसमैन ने साझा रूप से 11 करोड़,11लाख ,11हजार ,111 रुपए की बोली लगाई।

जैन समुदाय के लोग किसी संत या मुनि की अंतिम यात्रा में शामिल होने को शुभ मानते हैं। अंतिम संस्कार कार्यक्रम की शुरुआत बाबू पन्नालाल जैन मंदिर में की गई। बताया जा रहा है कि प्रेमसुरजीस्वाजी की चिता के लिए करीब 300 किलो चंदन की लकड़ियों का इंतजाम किया गया था। उन पांच व्यक्तियों ने जिन्होंने 11 करोड़ की बोली लगाई थी उन्होंने जैन मुनि प्रेमसुरजीस्वाजी की चिता को रविवार शाम 4.30 बजे आग दी। समुदाय के एक व्यक्ति ने बताया कि जिस जगह पर प्रेमसुरजीस्वाजी का अंतिम संस्कार हुआ है वहां एक मंदिर बनवाया जाएगा। आपको बता दें कि समुदाय की तरफ से हर मुनि की मृत्यु पर बोली नहीं लगवाई जाती। जिन मुनियों के अनुयायियों की संख्या ज्यादा होती है तो अनुयायी खुद उनके अंतिम संस्कार के लिए बड़ी रकम बोली लगाकर दान देते हैं। जुलाई में मदविजय रविंद्रसूरी महाराज साहेबजी के अंतिम संस्कार के लिए 7 करोड़ की बोली लगी थी।

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