बाल ठाकरे वसीयत विवाद: बंबई हाई कोर्ट नहीं पहुंचे ‘सामना’ के संपादक संजय राउत

अगर राउत अगली सुनवाई की तारीख पर अनुपस्थित रहे तो अदालत उनके खिलाफ वारंट जारी करने पर विचार कर सकती है।

Author मुंबई | October 10, 2016 9:21 PM
shiv Sena, Uddhav Thackeray, Shiv Sena 50 years, Shiv Sena BJP, Sena BJP, bal thackeray, shivsena news, shivsena history, shivsena factsशिवसेना के दिवंगत प्रमुख बाल ठाकरे। (फाइल फोटो)

बंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार (10 अक्टूबर) को कहा कि वह 27 अक्तूबर को इस बात पर फैसला करेगी कि शिवसेना सांसद और पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादक संजय राउत से शिवसेना के दिवंगत प्रमुख बाल ठाकरे की वसीयत को चुनौती देते हुए उनके पुत्र जयदेव ठाकरे द्वारा दायर किए गए मुकदमे में कब जिरह की जाए। राउत को सोमवार को गवाह के तौर पर उपस्थित होने को कहा गया था। वह उपस्थित नहीं हुए। उनके वकील ने कहा कि वह मुंबई में नहीं थे।

न्यायमूर्ति गौतम पटेल ने चेतावनी दी कि अगर राउत अगली सुनवाई की तारीख पर अनुपस्थित रहे तो अदालत उनके खिलाफ वारंट जारी करने पर विचार कर सकती है। आगामी 27 अक्तूबर को अदालत राउत के उपस्थित होने के संबंध में अगली तारीख पर फैसला करेंगी। जयदेव ने बाल ठाकरे की 13 दिसंबर 2011 की आखिरी वसीयत को चुनौती दी है। इस वसीयत में उन्हें कुछ भी नहीं दिया गया है। इस वसीयत में संपत्ति का बड़ा हिस्सा शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के नाम कर दिया गया है।

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