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औरंगाबाद हिंसा: पुलिस कस्टडी से भाग गया बीजेपी कार्यकर्ता, कोर्ट में पेशी के लिए ले जाते समय दिया चकमा

25 और 26 मार्च को औरंगाबाद में भड़की सांप्रदायिक हिंसा मामले में अनिल सिंह के अलावा स्थानीय भाजपा प्रवक्ता उज्ज्वल कुमार और एबीवीपी नेता दीपक कुमार का नाम भी आईपीसी की धारा 120B, 147, 158 और 149, 295A के तहत एफआईआर (95/2018) में दर्ज किया गया है।

Author March 30, 2018 10:57 AM
हिंसा के दौरान आग के हवाले किया गया एक शोरूम। (फोटो सोर्स संतोष सिंह)

बिहार के औरंगाबाद में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के बाद गिरफ्तार किए गए 148 लोगों में से एक शख्स कोर्ट में पेशी के लिए ले जाते वक्त पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। आरोपी शख्स की पहचान अनिल सिंह के रूप में की गई है। बताया जाता है कि वह भाजपा कार्यकर्ता है, साथ ही उसके हिंदू सेवा समिति नाम के एक संगठन से जुड़े होने की भी बात सामने आई है। औरंगाबाद के एसपी सत्य प्रकाश ने बताया कि लापरवाह पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। बताया जाता है कि आरोपी अनिल सिंह (49) हिंदू सेवा समिति की ओर से आयोजित राम नवमी जुलूस के मुख्य आयोजकों में एक रहा है। इसमें यूपी की एक इकाई भी शामिल है। अनिल सिंह साल 2016 में हुई हिंसा मामले में गिरफ्तार किए गए 30 आरोपियों में भी शामिल रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, इंजीनियरिंग कॉलेज से ड्रॉप आउट सिंह अपने छात्र जीवन ने एबीवीपी से जुड़ा, जो बाद में राजपूत नेता आनंद मोहन की बिहार पीपुल्स पार्टी में शामिल हो गया। आनंद मोहन अभी गोपालगंज के डीएम जी कृष्णनाथ की हत्या मामले में उम्र कैद की सजा काट रहा है। अनिल सिंह को साल 1999 में अपने चचेरे भाई की हत्या मामले में नामित किया गया था। हालांकि, बाद में उसे आरोपों से बरी कर दिया गया। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, अनिल सिंह पूर्व में सात वर्ष की सजा काट चुका है। साल 2007 में वह भाजपा में शामिल हुआ और हिंदू सेवा समिति से भी जुड़ गया जो आमतौर पर धर्म से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करती है।

अनिल सिंह ने साल 2010 में भाजपा नेता रामधर सिंह के लिए एक अभियान भी चलाया, जो औरंगाबाद विधानसभा सीट जीते और बाद में मंत्री भी बने। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में सिंह ने सुशील कुमार सिंह के लिए चुनावी अभियान चलाया, जो इस सीट पर भारी मतों से जीते। मामले में सासंद सुशील कुमार ने बताया, “अनिल सिंह कुछ समय के लिए भाजपा से जुड़े रहे हैं और उन्होंने मेरे लिए चुनाव प्रचार भी किया है।”

गौरतलब है कि 25 और 26 मार्च को औरंगाबाद में भड़की सांप्रदायिक हिंसा मामले में अनिल सिंह के अलावा स्थानीय भाजपा प्रवक्ता उज्ज्वल कुमार और एबीवीपी नेता दीपक कुमार का नाम भी आईपीसी की धारा 120B, 147, 158 और 149, 295A के तहत एफआईआर (95/2018) में दर्ज किया गया है। ये उन लोगों में शामिल हैं, जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

जेल में बंद कुछ आरोपी। (फोटो सोर्स संतोष सिंह)

हालांकि, पुलिस अभी तक उन लोगों की पहचान नहीं कर सकी है जिन्होंने गोलीबारी की थी। जानकारी के लिए बता दें कि सांप्रदायिक हिंसा के बाद औरंगाबाद में 148 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें 125 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। रिपोर्ट के अनुसार नालंदा में 36 और समस्तीपुर में 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

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