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शहीदों की पत्नियों पर विवादित टिप्‍पणी करने वाले BJP समर्थित MLC को अन्‍ना हजारे ने कहा ‘शराबी’

भ्रष्टाचार के विरोध में लड़ाई लड़ने वाले हजारे ने परिचारक को चुनौती दी कि ‘वह जमा देने वाली हिमालय की ठंड में रह कर दिखाएं, जहां हमारे सैनिक रहते हैं।’

Author मुंबई | February 27, 2017 9:47 PM
EVM Tampering, Anna Hazare, Arvind Kejriwal, Punjab election, UP election result, Election commission, Mayawatiगांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता अन्‍ना हजारे। (फाइल फोटो)

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र विधानपरिषद् के सदस्य प्रशांत परिचारक की सैनिकों पर विवादित टिप्पणी को लेकर सोमवार (27 फरवरी) को उनकी आलोचना की। विधानपार्षद की तुलना नशे में धुत्त व्यक्ति से करते हुए हजारे ने कहा, ‘परिचारक ने सैनिकों और उनकी पत्नियों पर जो टिप्पणी की है, मैं उसकी आलोचना करता हूं।’ हजारे ने एक बयान में कहा, ‘नशे में धुत्त व्यक्ति को एहसास नहीं होता है कि उसने शराब के नशे में क्या कहा है। इसी तरह सत्ता और धन के मद में चूर कुछ राजनीतिक लोगों को पता नहीं कि वे क्या कह रहे हैं। परिचारक उन्हीं में से एक हैं।’ उन्होंने कहा, ‘परिचारक को पता नहीं होगा कि सैनिकों को दो महीने की छुट्टी मिलती है, जो वह अपने परिवार के साथ गुजारते हैं।’

भ्रष्टाचार के विरोध में लड़ाई लड़ने वाले हजारे ने परिचारक को चुनौती दी कि ‘वह जमा देने वाली हिमालय की ठंड में रह कर दिखाएं, जहां हमारे सैनिक रहते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘मैंने समाज और राष्ट्र हित में विवाह नहीं किया, इसके बावजूद मैं हमारे जवानों का अपमान बर्दाश्त नहीं करूंगा।’ हाल ही में शोलापुर में चुनावी सभा के दौरान परिचारक ने राकांपा नेताओं पर कार्यों का श्रेय लेने का आरोप लगाते हुए कहा था कि एक सैनिक को अपनी पत्नी का टेलीग्राम मिलता है कि वह पिता बन गया है, वह साथी जवानों में मिठाइयां बांटता है, जबकि वह एक साल से अपने घर नहीं गया।

25,000 करोड़ चीनी घोटाला, अन्ना की सीबीआई जांच कराने की मांग बॉम्बे हाई कोर्ट ने नकारी

करीब 25,000 करोड़ रुपए के कथित चीनी सहकारी कारखाना घोटाले की सीबीआई जांच कराने की समाजसेवी अन्ना हजारे की मांग बंबई उच्च न्यायालय ने शुक्रवार (6 जनवरी) को नकार दी। अन्ना ने इस कथित घोटाले के सिलसिले में एक जनहित याचिका दाखिल कर एनसीपी प्रमुख शरद पवार और उनके भतीजे अजित पवार को नामजद किया है। इसी याचिका में उन्होंने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी। न्यायालय ने अन्ना से कहा कि पहले वह एक पुलिस शिकायत दाखिल करें। न्यायालय ने यह भी कहा कि वह ‘इस चरण में’ सीबीआई जांच का आदेश नहीं दे सकता। उच्च न्यायालय ने अन्ना से कहा, ‘अपने आरोप के आधार पर पहले एक पुलिस शिकायत दाखिल करें और यदि वे (पुलिस) इसे दर्ज करने से इनकार करते हैं तो वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करें और यदि उससे भी काम नहीं हो तो फिर हमारे पास आएं।’

न्यायालय ने पूछा, ‘इस चरण में हम सीबीआई जांच के आदेश नहीं देंगे…..पुलिस की ओर से मामला दर्ज किए जाने के बगैर ही आप सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं? जब अपराध दर्ज ही नहीं हुआ, तो आप जांच ट्रांसफर करने का अनुरोध कैसे कर सकते हैं?’ अन्ना के वकील ने जब पुलिस केस दर्ज कराने के लिए वक्त मांगा, तो पीठ ने मामले की सुनवाई 13 फरवरी तक स्थगित कर दी। न्यायालय अन्ना की ओर से दायर उस आपराधिक जनहित याचिका की सुनवाई कर रहा था जिसमें उन्होंने कथित चीनी सहकारी कारखाना घोटाले की सीबीआई जांच और नेताओं की कथित भूमिका की एसआईटी जांच कराने की मांग की है। अन्ना ने इसी मुद्दे पर दो और दीवानी जनहित याचिका दाखिल की है, जिन पर आने वाले कुछ दिनों में सुनवाई हो सकती है।

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