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मुंबई की ‘भयंकर’ बारिश पर उर्दू अखबार ने लिखा- ये अल्लाह का गुस्सा था

ऐसी आपदाएं तब आती हैं जब लोग गलत कामों में जुड़ जाते हैं और अल्लाह द्वारा दिखाए हुए रास्ते पर चलना भूल जाते हैं।

मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे क्षेत्र में भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। (PTI)

भारत की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले शहर मुंबई में पिछले दो दिन हुई तेज बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालाता बन गए थे जिसके कारण आम लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। वहीं इसी बीच मुबंई के उर्दू डेली का कहना है कि यह इतनी भयानक त्रासदी के पीछे भगवान का गुस्सा है। भगवान के गुस्से के कारण ही मुंबई में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। उर्दू डेली टाइम्स के एडिटोरिएल में उन्होंने एक टाइटल दिया है बारिश की तरह तूफान, यह भी है अल्लाह का गुस्सा। वैसे तो यह अंग्रेजी में है लेकिन हम आपको इसका अनुवास करके बता रहे हैं। अखबार का कहना है कि ऐसी आपदाएं तब आती हैं जब लोग गलत कामों में जुड़ जाते हैं और अल्लाह द्वारा दिखाए हुए रास्ते पर चलना भूल जाते हैं।

अखबार में छपे एडिटोरिएल के अनुसार इस प्रकार की आपदाओं के कारण उन लोगों का नुकसान तो होता ही है जो गलत काम करते हैं। इसके साथ ही इसका प्रभाव उनपर भी पड़ता है जो भगवान के करीब होते हैं। मंगलवार को शहर में हुए तेज बारिश की तुलना 2005 में हुई मूसलाधार बारिश से की गई जिसमें करीब 1100 लोगों की जान चली गई थी। आगे एडिटोरिएय में कहा गया है कि अगर कोई इस सबके बाद भी अल्लाह की तरफ ध्यान नहीं देता है तो इसमें किसकी गलती होगी। हम आज इसे कयामत का दिन अल्लाह का गुस्सा कह रहे हैं क्योंकि बारिश सभी को मजबूर बना देती है। इस एडिटोरिएल के जरिए मुसलमानों से याचिका लगाई गई है कि भगवान की तरफ ध्यान दें और उनके द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें।

मुंबई में 29 अगस्‍त को 298 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो कि 1997 से अबतक अगस्त में एक दिन में हुई सर्वाधिक बारिश है। लगातार भारी बारिश के बाद जनजीवन के अस्त-व्यस्त हो जाने, सड़क, रेल एवं वायु यातायात अवरूद्ध हो जाने के बाद परेशानियों से भरे अगले दिन के लिए मुंबई फिर से तैयार हो गई। इस तेज बारिश के कारण अन्य-अन्य घटनाओं में 15 लोगों की मौत हो गई थी जबकि एक जरजर इमारत के ढह जाने से उसमें दबकर 10 लोगों की जान चली गई थी।

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