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अर्णब ने परमबीर को लेकर रामकदम पर साधा निशाना, बोले शिवसेना नेता, अच्छी बात कर रहे हैं आप, ऐंकर का जवाब- नहीं चाहिए आपका सर्टिफिकेट

व्यापारी मनसुख हिरन की मौत के मामले जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे हो रहे हैं। मामले का मुख्य आरोपी निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे के पास 14 सिम मिले हैं। पूरी साजिश के तार फाइव स्टार होटल में मिल रहे हैं।

Mansukh Hiren Case, Mumbaiमंसुख हिरन की मौत के मामले में एनआईए विशेषज्ञों के साथ केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला पुणे की टीम ने सोमवार देर रात निलंबित एपीआई सचिन वज़े को मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस ले जाकर जांच की। (पीटीआई फोटो)

देश की राजनीति में बड़ा भ्रष्टाचार के रूप में उभरा व्यापारी मनसुख हिरन की मौत के मामले जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे हो रहे हैं। मामले का मुख्य आरोपी निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे के पास 14 सिम मिले हैं। पूरी साजिश के तार फाइव स्टार होटल में मिल रहे हैं।

इस मामले में टेलीविजन चैनलों पर भी बहस जारी है। रिपब्लिक भारत चैनल पर एंकर अर्नब गोस्वामी ने भाजपा नेता रामकदम पर निशाना साधते हुए पूछा “सबको पता है कि मुंबई पुलिस चीफ परमवीर सिंह और सचिन वाजे साथ-साथ काम करते थे। दोनों एक ही विभाग में थे। फिर अचानक अब सचिन वाजे खराब हो गया तो परमवीर सिंह कैसे अच्छे हो गए। परमवीर की चिट्ठी को सच मानों। आप लोगों को इतना अटूट विश्वास क्यों है?” इस पर शिवसेना नेता ने कहा कि आज आप सही कह रहे हैं। सही बात पूछ रहे हैं। अर्णब ने उनकी बात काटते हुए कहा कि मुझे आपके सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। हमें आपसे सर्टिफिकेट नहीं चाहिए।

इधर, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) व्यापारी मनसुख हिरन की मौत के मामले की जांच के सिलसिले में निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) ले गई। हिरन की जिस दिन मौत हुई थी, वाजे ने उसी दिन यहीं से निकटवर्ती ठाणे के लिए ट्रेन पकड़ी थी।

पुलिस के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि चार मार्च की सीसीटीवी फुटेज में वाजे सीएसएमटी से ठाणे के लिए ट्रेन पकड़ते दिख थे। इसलिए चीजों को समझने के लिए एनआईए मंगलवार रात वाजे का स्टेशन ले गई। इसके बाद एनआईए वाजे को ठाणे जिले के मुंब्रा क्रीक ले गई, जहां से पांच मार्च को हिरन का शव बरामद हुआ था।

जांच एजेंसी 25 फरवरी को दक्षिण मुम्बई में मुकेश अंबानी के घर के पास एक एसयूवी से जिलेटिन की छड़ें बरामद होने और फिर हिरन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद वाजे एनआईए की जांच के घेरे में आए थे। वाजे को 13 मार्च को गिरफ्तार किया गया था।
अधिकारी ने बताया कि सोमवार को सीएसएमटी पर जांच के दौरान एनआईए के अधिकारियों ने वाजे का ‘प्लेटफॉर्म नंबर’-चार पर चलने को कहा, ताकि सीसीटीवी फुटेज में दिखे व्यक्ति और उनकी चाल की तुलना की जा सके। इसके बाद वाजे को मुंब्रा क्रीक ले जाया गया, जहां पिछले महीने हिरन का शव बरामद हुआ था।

उन्होंने बताया कि एनआईए टीम सीएसएमटी और मुंब्रा क्रीक पर एक-एक घंटे से ज्यादा रुकी। उनके साथ कुछ चश्मदीद, फोरेंसिक विशेषज्ञ और रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारी भी मौजूद थे। इससे पहले, एनआईए वाजे को एक पांच सितारा होटल, जहां वह नकली पहचान पत्र दिखाकर रुके थे, उपनगरीय अंधेरी स्थित एक कार्यालय, जहां कथित तौर पर पूरी साजिश रचने के लिए बैठक की गई थी और मुंब्रा क्रीक सहित कई स्थानों पर ले जा चुकी है। एनआई ने जांच के दौरान वाजे द्वारा इस्तेमाल किए गए जाने वाले कई महंगे वाहन भी जब्त किए हैं।

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