X

यौन क्षमता बढ़ाने वाली आयुर्वेदिक दवाओं में मिली वायग्रा, बेहोशी की दवा

यौन शक्ति बढ़ाने वाली दो आयुर्वेदिक दवाओं में सिल्डेनाफिल सिट्रेट, जिसे आम भाषा में वियाग्रा कहा जाता है; के तत्व पाए गए हैं। इसके अलावा छोटे वक्त के लिए बेहोश करने वाली दवा भी पाई गई है।

महाराष्ट्र के खाद्य और औषधि नियत्रंण विभाग ने औरंगाबाद जिले में बड़ा मामला पकड़ा है। जिले में यौन शक्ति बढ़ाने वाली दो आयुर्वेदिक दवाओं में सिल्डेनाफिल सिट्रेट, जिसे आम भाषा में वियाग्रा कहा जाता है; के तत्व पाए गए हैं। इसके अलावा छोटे वक्त के लिए बेहोश करने वाली दवा भी पाई गई है। इन दोनों दवाओं को क्वालिटी जांच के लिए हाल ही में विभाग की लैब में लाया गया था। दवाओं में चिंताजनक तत्वों की उपस्थिति ने औषधि नियंत्रण विभाग को सर्तक कर दिया है। अब विभाग के अधिकारी पूरे राज्य में इस दवा के स्टॉक को जब्त करने की कोशिशों में जुटे हुए हैं।

विभाग के सूत्रों के मुताबिक, अनियमित पाई गई दवाओं के नाम पावर अप कैप्सूल और टाइगर किंग क्रीम है। दोनों ही आयुर्वेदिक दवाओं के जब्त किए गए कंटेनर में एलोपैथिक दवाओं के मिश्रण का जिक्र नहीं था। ये दोनों ही दवाइयां सिल्डेनाफिल सिट्रेट और बेहोश करने वाली दवा लिग्नोकेन हाइड्रोक्लोराइड लोगों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती हैं। आमतौर पर चिकित्सक वियाग्रा का इस्तेमाल नपुंसकता की बीमारी में कर सकते हैं। लेकिन इसी सिर्फ किसी अनुभवी चिकित्सक की देखरेख मेंं ही लिया जाना चाहिए। ये दवा कई बार दूसरी दवाओं के साथ प्रतिक्रिया भी करती है, जिसके जानलेवा परिणाम भी हो सकते हैं।

जुलाई में खाद्य और औषधि नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने सृष्टि यूनानी मेडिसिन एजेंसी, औरंगाबाद में छापेमारी की थी। विभाग ने यहां यूपी के सहारनपुर से आया हुआ उक्त दवाओं का 16 हजार रुपये का स्टॉक जब्त कर लिया था। विभाग की लैब में हुई जांच में पता चला कि पावरअप कैप्सूल में 49.45 मिग्रा वियाग्रा का तत्व है। जबकि टाइगर किंग क्रीम में काफी मात्रा में लिग्नोकेन हाइड्रोक्लोराइड के तत्व हैं। हालांकि दोनों ही दवाओं की पैकिंग में सिर्फ आयुर्वेदिक दवाओं के तत्वों का जिक्र था।

खाद्य और औषधि नियंत्रण विभाग के संयुक्त आयुक्त एसएस काले ने कहा,”ये अवैध दवाएं ड्रग्स और कॉस्मेटिक एक्ट का उल्लंघन करके बनाई गई थीं। हमने यूपी के दवा निर्माता नमन इंडिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। ये दवाएं निर्दोष ग्राहकों को आयुर्वेदिक दवाओं के नाम पर धोखा देकर बेची जा रही थीं। विभाग पूरे प्रदेश में हर उस जगह पर दवाओं को जब्त करने की कोशिश कर रहा है, जहां इन दवाओं की बिक्री की जा रही थी।”

  • Tags: fake medicines, maharashtra news,
  • Outbrain
    Show comments