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BHEL के लिए आरक्षित थी जमीन, रामदेव की पतंजलि को मार्केट से आधे रेट पर देगी महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार

इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने पुष्टि की कि करीब 400 एकड़ जमीन जो पहले जिले में भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) के संयंत्र के लिए आरक्षित की गई थी अब पतंजलि प्रोडक्ट्स को सौंपी जाने वाली है।

Author नई दिल्ली | July 16, 2019 11:39 AM
योग गुरू बाबा रामदेव फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

करीब तीन साल पहले भाजपा के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार ने योग गुरु बाबा रामदेव की पतंजलि फूड और हर्बल पार्क के लिए नागपुर में बहुत कम कीमत पर 230 एकड़ जमीन मुहैया कराई थी। देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार एक बार फिर बाबा रामदेव पर मेहबान है।

बेंगलुरु मिरर में छपी एक खबर के मुताबिक प्रदेश सरकार ने पंतजलि को अब लातूर में सोयाबीन प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के लिए मौजूदा बाजार की कीमत से आधी कीमत (पचास फीसदी की छूट) पर 400 एकड़ जमीन मुहैया कराने का प्रस्ताव दिया है। इसमें कई अन्य छूट भी शामिल हैं। यह जमीन मूल रूप से बीएचईएल के संयंत्र के लिए आरक्षित थी।

नए प्रस्ताव की पेशकश खुद मुख्यमंत्री फडणवीस ने योगगुरु बाबा रामदेव को एक पत्र लिखकर की है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक 26 जून को लिखे पत्र में सीएम ने योग गुरु बाबा रामदेव को मराठवाड़ा क्षेत्र के इस जिले के औसा गांव में एमएसएमई इकाई स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया है।

पत्र में कहा गया, ‘एमएसएमई परियोजना के लिए आप स्टांप शुल्क में 100 फीसदी की छूट ले सकते हैं, इसके साथ ही एक तय समय तक बिजली के शुल्क में भी राहत दी जाएगी।’ हालांकि नागपुर में पतंजलि को जमीन दिए जाने के बाद भी अभी तक फूड पार्क मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू होने के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं।

इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने पुष्टि की कि करीब 400 एकड़ जमीन जो पहले जिले में भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) के संयंत्र के लिए आरक्षित की गई थी अब पतंजलि प्रोडक्ट्स को सौंपी जाने वाली है। जमीन अधिग्रहण के वक्त सरकार ने फैक्ट्री शुरू होने के बाद किसानों से नौकरी का वादा किया गया था।

हालांकि बाबा रामदेव की कंपनी को जमीन देने की सूरत में किसान इस वादे को लेकर आश्वस्त नहीं हैं और खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। बीएचईएल के नाम पर जमीन देने वाले किसानों का कहना है कि उन्होंने साल 2013 महज में 3.5 लाख रुपए एकड़ के हिसाब से जमीन सरकार दे दी थी जबकि जमीन की वर्तमान कीमत 45 लाख रुपए प्रति एकड़ के करीब है।

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